“पार्टी के अंदर कोई गुटबाजी नहीं” सियासत के धुरंधरों को सालता रहेगा दीपिका पांडेय का यह बयान

    “पार्टी के अंदर कोई गुटबाजी नहीं” सियासत के धुरंधरों को सालता रहेगा दीपिका पांडेय का यह बयान

    Ranchi-आज की सियासत में जहां हर चाल अपने व्यक्तिगत लाभ और हानि के विसात पर बिछाया जाता है और बड़े ही खूबसूरत अंदाज में इसे सियासी परिपक्वता का नाम भी दिया जाता है. कोई खुद, तो कोई अपने बेटे-बेटियों को आगे बढ़ाने की होड़ में नजर आता है, तो किसी को पार्टी की नीतियों के अनुकूल अपनी बीबी का चेहरा सबसे मुफीद नजर आता है. जहां मनमाफिक मुराद पूरा नहीं होने की स्थिति में एक ही झटके में विचारधारा की चादर को फेंक रातों रात पाला बदल का खेल किया जाता है. एक अदद टिकट के लिए पार्टी के प्रति वर्षों की वफादारी को सरेआम नीलाम किया जाता है. उसी सियासत में एक नाम दीपिका पांडेय सिंह का भी है. लेकिन दीपिका की सियासत का रंग कुछ अलहदा है, नहीं तो कांग्रेस की छोड़िये, आज की भाजपा में कितने ऐसे चेहरे शेष हैं, जो टिकट कटने के बाद भी पार्टी का जयकारा लगाने का धैर्य रखते हैं. कल तक जो परिवार का चादर ओढ़े नजर आते हैं, टिकट कटते ही एकबारगी पार्टी की नाव को अपने आंसुओं की धार में डूबाने की सियासत करते नजर आते हैं. जहां खुद के विकास पर संकट खड़ा होते ही “सबका साथ सबका विकास” पर तंज की बौछार शुरु हो जाती है, सवालों का पहाड़ खड़ा कर दिया जाता है. ऐसे कई उदाहरण इसी चुनाव में आपको देखने को मिल रहे होंगे. इसमें कांग्रेस की विचारधारा के प्रति वफादारी का दंभ भरने वाले चेहरें भी होंगे और मोदी का परिवार का जयकारा  लगाने वाले भाजपा के कथित समर्पित कार्यकर्ता भी.

    तंग राजनीति के दौर में दीपिका की मिसाल

    लेकिन तंग राजनीति के इस दौर में भी गोड्डा लोकसभा से कांग्रेस की पूर्व प्रत्याशी और महागामा विधायक दीपिका पांडेय एक अलग राह पर चलती दिखलाई पड़ रही है, उन्होंने कहा कि टिकट देकर बेटिकट करने के बावजूद वर्तमान सांसद निशिकांत को हराने का हौसला ना तो पस्त हुआ है और ना ही इरादे में कोई कमी आयी है और ना ही उनके चाहने वालों के बीच कोई उदासी पसरा है. पूरा कांग्रेसी परिवार उसी मुस्तैदी के साथ इस लड़ाई में खड़ा नजर आयेगा और दुगनी ताकत के साथ प्रदीप यादव की जीत के लिए अपना खून-पसीना बहायेगा. दीपिका ने कहा कि उनका लक्ष्य कभी भी संसद की दहलीज पर खड़ा होना नहीं था, वह तो पार्टी के फैसले के साथ थी, पार्टी ने मैदान में उतारा तो जीत की हुंकार लगा रही थी और अब जब पार्टी ने चेहरा बदला है तो भी वह पार्टी के साथ खड़ी है. हमारे संकल्पों में ना कोई कमी आयी है, और ना कोई बदलाव. एकमात्र लक्ष्य गोड्डा की जनता को निशिकांत के इस कुशासन से मुक्त करवाना है और हमें पूरा विश्वास है कि प्रदीप यादव इस बार फतह हासिल करेंगे, हम पूरी ताकत के साथ उनका साथ देंगे.

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