झारखंड के चुनाव प्रचार में राजनीतिक दलों ने सड़क के बजाय उड़नखटोले पर क्यों किया अधिक भरोसा, पढ़िए

    झारखंड के चुनाव प्रचार में राजनीतिक दलों ने सड़क के बजाय उड़नखटोले पर क्यों किया अधिक भरोसा, पढ़िए

    धनबाद (DHANBAD) : झारखंड के दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग बुधवार की सुबह शुरू हो गई है. मतदाता घरों से निकलकर पोलिंग बूथ पर पहुंच रहे है. सोमवार की शाम 5 बजे चुनाव प्रचार खत्म हो गया था. इस बार के चुनाव प्रचार में झारखंड में सड़क से अधिक राजनीतिक पार्टियों ने हेलीकॉप्टर पर अधिक भरोसा किया. ऐसा समय के कमी के कारण किया गया. दो चरणों में मतदान की वजह से समय की कमी थी. एक-एक राजनीतिक दल के स्टार प्रचारक एक दिन में 4 से 5 सभाएं की. इसके लिए उन्हें हेलीकॉप्टर का सहारा लेना पड़ा.

    चुनाव प्रचार के लिए भाजपा ने पांच, झामुमो ने तीन और कांग्रेस ने दो हेलीकॉप्टर का प्रयोग किया. वही आजसू ने भी एक हेलीकॉप्टर का उपयोग किया. सभी दलों के बड़े-बड़े नेताओं के साथ राज्य स्तरीय नेता भी हेलीकाप्टर से खूब उड़े. इसके अलावे प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री के चुनावी कार्यक्रम के लिए विशेष हेलीकाप्टर भी आए. एक आंकड़े के अनुसार झारखंड में चुनाव प्रचार के लिए राजनीतिक दलों ने 15 से 50 दिनों तक हेलीकॉप्टर का उपयोग किया. सबसे अधिक स्टार प्रचारक भाजपा के थे.

    इस कारण सबसे अधिक दिनों तक हेलीकॉप्टर भाजपा ने रखा. भाजपा के कई राष्ट्रीय नेता यहां चुनाव प्रचार के लिए आए. वहीं झामुमो के हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन ने भी हेलीकॉप्टर से सैकड़ो सभाएं की. वहीं भाजपा के हिमांता विश्वास शरमा, शिवराज सिंह चौहान ने पूरे राज्य में चुनावी सभा की. कांग्रेस के प्रभारी गुलाम अहमद मीर राज्य के अलग-अलग कोने में इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी के लिए चुनावी प्रचार में गए. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रतिपक्ष के नेता ने भी चुनावी सभा की. बिहार के तेजस्वी यादव, लालू प्रसाद यादव, पप्पू यादव भी चुनाव कार्यक्रम के लिए आए. लोजपा के चिराग पासवान ने भी पार्टी के समर्थन में सभाएं की.

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो

     


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