राजनीतिक वर्चस्व का असर परिवारिक संबंध पर भी, सीएम नीतीश कुमार नहीं शामिल हुए

    राजनीतिक  वर्चस्व का असर परिवारिक संबंध पर भी, सीएम नीतीश कुमार नहीं शामिल हुए

    पटना (PATNA)-राजनीति में कहावत है कि लम्बे  समय तक दुश्मनी और दोस्ती दोनों हीं नहीं रहती. लम्बे समय तक राज्य से लेकर केंद्र तक का सफर तय करने वाले नेता बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिवंगत नेता रामविलास पासवान की पहली पुण्यतिथि के अवसर पर  दो मिनट के लिए श्रद्धांजलि  देने भी नहीं पहुंचे. राजनीतिक लड़ाई का असर पारिवारिक स्तर पर भी देखने को मिला. मौका था दिवंगत नेता रामविलास पासवान की पहली पुण्यतिथि की.पटना के कृष्णापुरी आवास में यह आयोजन किया गया था.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निमंत्रण भी स्वीकार किया था.उनका कोई प्रतिनिधि भी उस मौके पर नहीं आया था.चिराग पासवान ने कहा की अगर एक मिनट के लिए भी आते तो अच्छा लगता.उन्हें उम्मीद थी की मुख्यमंत्री आएंगे. कुछ लम्हों को राजनीति से ऊपर उठकर देखना चाहिए. दोनों नेताओं  का राजनीतिक सफर बिहार से ही शुरू हुआ था. साथ में लम्बे समय तक काम भी किये थे.पूजा का कार्यक्रम समाप्त होने पर सांसद  चिराग पासवान ने मीडिया से मुखातिब होकर इन सब बातों को कही.इस मौके पर बिहार के राज्यपाल फागु चौहान पंहुच कर श्रद्धांजलि दी. प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव भी उस सभा में पहुंचे थे,बिहार के स्वस्थ मंत्री मंगल पांडेय भी श्रद्धांजलि देने उनके आवास पर गए थे.वहीं चिराग पासवान के चाचा भी मौके पर पहुंच कर अपने बड़े भाई को श्रद्धांजलि दी.पर उनके दोनों  चचेरे भाई मौके पर नहीं दिखे.

    रिपोर्ट: रंजना  कुमारी,रांची 


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