गांव में रहकर जिला परिषद का चुनाव जीते, लेकिन अब गांव में नहीं रहेंगे ,आखिर क्यों आप भी जानिए


धनबाद(DHANBAD) - धनबाद जिला परिषद के सदस्यों का मन अब ग्रामीण क्षेत्र में नहीं लग रहा. अब वह शहर में रहेंगे और शहर में रहकर ग्रामीण क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेंगे. जी हां, लगभग 3 महीना पहले गठित धनबाद जिला परिषद बोर्ड ने सदस्यों के डिमांड पर कुछ ऐसा ही निर्णय लिया है. नवगठित धनबाद जिला परिषद की बोर्ड की बैठक में सभी सदस्यों को आवास आवंटित करने का निर्णय लिया गया है.
धनबाद जिला परिषद के इतिहास में पहली बार
यह धनबाद जिला परिषद के इतिहास में पहली बार हो रहा है कि सदस्यों को आवास आवंटित किया जाएगा. इसके पहले अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को ही आवास जिला परिषद की ओर से मिलते थे. लेकिन इस बार बदलाव करते हुए सदस्यों को भी आवास देने का निर्णय लिया गया है. धनबाद जिला परिषद ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है. सदस्यों की मांग थी कि उन्हें भी शहर में सरकारी आवास दिया जाए. जिला परिषद के आवासों की पहचान की जा रही है और जरूरी मरम्मत के बाद उन्हें आवंटित कर दिया जाएगा.
15 जून 2022 को हुआ है बोर्ड का गठन
मालूम हो कि 15 जून 2022 को धनबाद जिला परिषद बोर्ड का गठन हुआ है. आपको बता दें कि धनबाद जिला परिषद के कंधों पर धनबाद जिले के लगभग 12 लाख लोगों की सुख- सुविधा की जिम्मेवारी है. सिंचाई से लेकर स्वास्थ्य तक, स्वास्थ्य लेकर शिक्षा तक ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध कराने की जिम्मेवारी जिला परिषद के पास ही है. ग्रामीण क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर जनप्रतिनिधि जिला परिषद के सदस्य बने हैं लेकिन अब उन्हें गांव में मन नहीं लगता, अब वह शहर में ही रहेंगे.
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