झारखंड के "हिस्ट्रीशीटर" विक्रम शर्मा की हत्या को क्यों कहा जा रहा "ऑन द स्पॉट कन्फर्म किलिंग"?


TNP DESK- झारखंड के जमशेदपुर के "हिस्ट्रीशीटर " विक्रम शर्मा की हत्या "ऑन द स्पॉट क्लोज किलिंग" थी. बहुत नजदीक से विक्रम शर्मा को शूटरों ने गोली मारी थी. सूत्र बता रहे हैं कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक एक गोली विक्रम शर्मा के सिर में सटाकर मारी गई थी, जो मौत का मुख्य कारण बनी , दो गोली शरीर के आगे- पीछे की दिशा में आर- पार हुई थी. मतलब साफ है कि शूटरों ने टारगेट को बिल्कुल नजदीक से कंफर्म किया और उसके बाद फायरिंग की. जानकार लोग बताते हैं कि ऐसा बहुत ही शातिर और "शार्प शूटर" ही कर सकते हैं. यह भी कहा जा रहा है कि गोली चलाने की दूरी बहुत कम थी. सिर में सटाकर गोली मारने से अंदाज लगाया जा रहा है कि शूटर बिल्कुल नजदीक पहुंचकर फायरिंग की होगी।
अंदाजा 7.65 बोर पिस्टल का हुआ होगा इस्तेमाल
देहरादून से छन -छन कर पहुंच कर रही खबरें बता रही है कि 7.65 बोर पिस्टल का इस्तेमाल किया गया होगा। घटनास्थल से मिले धोखे और पिलेट से यह अंदाज लगाया जा रहा है कि 7.65 बोर पिस्टल से विक्रम शर्मा को गोली मारी गई होगी। हालांकि फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही इसकी पुष्टि हो पाएगी। इस पूरी वारदात को "ऑन द स्पॉट कंफर्म किलिंग" माना जा रहा है. मतलब साफ है कि शूटरों ने अपना टारगेट फिक्स कर रखा था. यह अलग बात है कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य इनपुट के आधार पर शूटरों तक पहुंचने की लगातार कोशिश कर रही है. जानकारी के अनुसार उत्तराखंड की 10 से अधिक पुलिस टीम यूपी , बिहार और झारखंड में छापेमारी कर रही है. सीसीटीवी सर्विलांस में पता चला है की हत्या के बाद शूटर हरिद्वार होते हुए यूपी के सीमा में प्रवेश किए थे. उसके बाद उनका लोकेशन नहीं मिल रहा है. झारखंड पुलिस भी अपराधियों की खोजबीन में लगी हुई है.
शुक्रवार को पॉश इलाके में कर दी गई थी हत्या,तीन गोलियां लगी थी
बता दें कि झारखंड के जमशेदपुर के हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा की हत्या देहरादून में तब कर दी गई थी, जब वह रोज की भांति देहरादून की राजपुर रोड स्थित मॉल के जिम से शुक्रवार सुबह बाहर निकला था. जैसे ही वह मॉल की सीढ़ियों पर कदम रखा तो टोह में लगे दो शूटरों ने फायर झोंक दी. विक्रम शर्मा को तीन गोलियां मारी गई थी. एक गोली सिर में सटाकर मारी गई, जो घटनास्थल पर ही मौत का कारण बनी , उसके बाद अपराधी कुछ दूर दौड़ते हुए पैदल भागे और आगे खड़े अपने तीसरे साथी की बाइक पर सवार होकर निकल गए. इस घटना के बाद इलाके में अफरा तफरी मच गई थी. सूत्र दावा कर रहे हैं कि गैंगस्टर विक्रम शर्मा उत्तराखंड की सत्ता के गलियारों में भी अपनी पैठ बना ली थी. वह जनप्रतिनिधियों के साथ अच्छी दोस्ती गांठ ली थी. कुछ नौकरशाहों के साथ भी उसका उठना -बैठना था. इस वजह से उसे यहां "सेफ सेल्टर " मिल गया था और स्टोन क्रेशर के कारोबार में एंट्री ले लिया था. सूचना के मुताबिक 2015 से पहले ही उसने उत्तराखंड में अपना पैर जमा लिया था.
2017 में झारखंड पुलिस ने देहरादून से किया था अरेस्ट
2017 में झारखंड पुलिस ने देहरादून से उसे गिरफ्तार कर जमशेदपुर लाई थी. सूत्रों के अनुसार भागने के लिए बदमाशों ने मुख्य रोड की बजाय दूसरा रास्ता चुना, सूत्र बताते हैं कि विक्रम शर्मा की हत्या की प्लानिंग ठोस और सही टाइमिंग में की गई थी. उनके पास विक्रम शर्मा के घर से निकलने से लेकर जिम में बिताए जाने वाले वक्त का पूरा डिटेल रहा होगा। हत्या करने के बाद भागने का रास्ता अपराधियों ने पहले ही चुन लिया था. सूत्र तो यह भी बता रहे हैं कि शुक्रवार की सुबह विक्रम शर्मा जैसे ही घर से निकला, शूटर उनके पीछे लग गए होंगे . घटनास्थल से कुछ दूर जाकर अपराधी अपने अपनी बाइक फेंक दी और दूसरे दूसरे वाहन से निकल गए.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
4+