झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबू लाल मरांडी ने क्यों याद की 90 के दशक वाले लालू प्रसाद के जंगलराज की !


धनबाद(DHANBAD) : जमशेदपुर के युवा उद्यमी कैरव गाँधी के अपहरण की गुत्थी अभी भी अनसुलझी है. जमशेदपुर के युवा उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण मामले में पुलिस की टीम अलग-अलग राज्यों में छापेमारी कर रही है. लेकिन पुलिस को अभी कोई सफलता नहीं मिली है.
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी का सवाल
इधर ,झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विदेश दौरे पर सवाल किया है. पूछा है कि क्या वह विदेश में यह बताएंगे कि झारखंड में गरीबों का अपहरण मानव तस्करी के लिए और अमीरों का अपहरण फिरौती के लिए किया जा रहा है. उन्होंने अपने पोस्ट में कहा है कि --जमशेदपुर से एक युवा उद्यमी के अपहरण को पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक कोई ठोस सुराग नहीं ढूंढ पाई है. उधर, रांची के ओरमांझी का 12 वर्षीय कन्हैया पिछले दो महीनों से लापता है. झारखंड में गरीबों का अपहरण मानव तस्करी के लिए और अमीरों का अपहरण फिरौती के लिए किया जा रहा है. हालात बिल्कुल 90 के दशक वाले लालू के जंगलराज वाले बन चुके है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी सवाल -क्या निवेशकों को यह बताएंगे
ऐसी विकट परिस्थितियों में भी मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM कथित तौर पर विदेश में निवेश आमंत्रित करने गए हैं, लेकिन क्या वे निवेशकों के सामने राज्य की बदहाल कानून व्यवस्था की सच्चाई भी रखेंगे? जिस आदिवासी समाज के उत्थान का बखान दिया जाना है, उसी आदिवासी समाज के एक नेता सोमा मुंडा की खूँटी में हत्या हो चुकी है. कुछ महीनों पहले युवा आदिवासी नेता सूर्या हांसदा की फर्ज़ी एनकाउंटर में हत्या कर दी गई थी. कहीं अपराधी आदिवासी नेताओं की हत्या कर रहे हैं, तो कहीं पुलिस... दोनों एक ही काम कर रहे है.
आरोप -अपराध की घटनाओं से कराह रहा झारखंड
हत्या, अपहरण, लूट, बलात्कार की घटनाओं से झारखंड कराह रहा है. आम जनता भय और असुरक्षा के साए में जीने को मजबूर है, जबकि निर्लज्ज पुलिस प्रशासन पटाखे छोड़ने और गुलछर्रे उड़ाने में व्यस्त है. @Jsr_police तत्काल अपहृत युवक की सकुशल बरामदगी सुनिश्चित करे.
4+