धनबाद : मैथन मोड़ पर आए-दिन क्यों हो रही दुर्घटना, जानिए वजह


धनबाद (DHANBAD): मैथन ओपी क्षेत्र के शुक्रवार की सुबह मैथन सिरामिक मेन गेट के पास डंफर की चपेट में आने से शिवलीबाड़ी अंसार मोहल्ला निवासी 25 वर्षीय बिट्टू अंसारी की मौत घटनास्थल पर ही हो गई. घटना की सूचना मिलते ही शिवलीबाड़ी के दर्जनों ग्रामीण पहुंचकर सड़क को जाम कर दिया और मुआवजा की मांग की. इसके साथ ही डंपर के चालक और मालिक पर कार्रवाई की मांग करने हुए लोगों ने सड़क जाम कर दिया. घटना की सूचना मिलते ही मैथन ओपी प्रभारी बालाजी राजहंस, जिप सदस्य गुलाम कुरैशी, शिवलीबाड़ी पूर्व पंचायत के मुखिया तनवीर आलम, शिवलीबाड़ी उत्तर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मोहम्मद मुस्तकीम, माले नेता नागेंद्र कुमार सहित काफी संख्या में लोग जुट गए.
काम से लौटने के दौरान हुई दुर्घटना
मृतक के पिता सब्बीर अंसारी बताया कि बिट्टू अपने मामा के घर नियामतपुर में रहकर काम करता था, गुरुवार को मामा घर से वापस आया था सुबह किसी काम से मैथन गया था. लौटने के क्रम में डंफर और बाइक में टक्कर हो गई जिसमें घटनास्थल पर ही बिट्टू की मौत हो गई फिलहाल मैथन ओपी प्रभारी के नेतृत्व में संबंधित व्यक्ति से मुआवजे की मांग को लेकर वार्ता की जा रही है.
तेज रफ्तार का कहर
बता दें कि जब से मैथन मोड़ से संजय चौक के सड़क का चौड़ीकरण हुआ है. इस तरह की चौथी घटना है जब किसी की मौत दुर्घटना से हुई है. इस सड़क पर हाइवा डंपर वाले बिना खलासी के तेज रफ्तार से गाड़ी चलाती है. वहीं मैथन में कॉलेज-स्कूल होने की वजह से कम उम्र के बच्चे भी यहां बाइक तेज गति से चलाते है. जिसके कारण आए-दिन इस तरह के दुर्घटनाएं होती है. ऐसी घटना भविष्य में न हो इसे लेकर बच्चों के अभिभावक और प्रशासन कड़ी नजर बनाएं रखना होगा. तभी जाकर ऐसी घटना को रोका जा सकता है.
डराने वाले है दुर्घटना के आंकड़े
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दुनिया भर में सड़क हादसों में मारे गए 10 लोगों में से कम से कम एक भारत से होता है. भारत के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने पिछले साल रोड एक्सिडेंट्स इन इंडिया-2020 नामक एक रिपोर्ट जारी की थी. जिसमें बताया गया है कि वर्ष 2020 में कुल 1,20,806 दुर्घटनाओं में से 43,412 राष्ट्रीय राजमार्गों पर, 30,171 राज्य राजमार्गों पर और 47,223 अन्य सड़कों पर हुईं. वर्ष 2020 के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सड़क हादसे में 1,31,714 लोगों की जान गई और 3,48,279 लोग घायल हुए. हर एक सौ सड़क हादसे में 36 लोगों की जान गई जो कि साल 2019 के 33 के मुकाबले कहीं अधिक है. इधर, झारखंड में वर्ष 2017 में 40 मौतें हुई थी. जबकि वर्ष 2018 में 72, वर्ष 2019 में 93, वर्ष 2020 में 119 और वर्ष 2021 में 132 मौतें सड़क हादसे में हुई हैं.
रिपोर्ट: विनोद सिंह, निरसा/धनबाद
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