क्या है पीएम नरेंद्र मोदी का लाईट हाउस प्रोजेक्ट, कौन उठा सकता है लाभ, पढ़ें झारखंड में क्या है इसकी स्थिति

    क्या है पीएम नरेंद्र मोदी का लाईट हाउस प्रोजेक्ट, कौन उठा सकता है लाभ, पढ़ें झारखंड में क्या है इसकी स्थिति

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK):पीएम नरेद्र मोदी की ओर से लोगों को सस्ते दर पर घर उपलब्ध कराने के लिए एक प्रोजेक्ट की शुरुआत साल 2017 में की गई.जिसका नाम लाइट हाउस रखा गया.ये प्रोजेक्ट केंद्रीय शहरी मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजना है जिसके तहत लोगों को अच्छे वातावरण में सस्ते और टिकाऊ आवास बनाकर दिये जाते हैं.घरों को बनाने में हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है

    पढ़ें प्रोजेक्ट के पीछे पीएम का क्या उद्देश्य है

    इस प्रोजेक्ट की शुरुआत के पीछे पीएम नरेंद्र मोदी का उदेश्य साल 2024 तक सस्ते दरों पर लोगों को घर उपलब्ध कराना था.लाइट हाउस प्रोजेक्ट्स में सबसे बेहतरीन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है.जिससे इसको बनने में लगनेवाला समय और लागत कम हो जाती है.इसको बनाने के लिए हाई-एंड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है. झारखंड की बात करें, तो रांची में जर्मनी के 3डी कंस्ट्रक्शन सिस्ट्म्स का इस्तेमाल करके 1040 फ्लैटों का निर्माण किया गया है, तो अगरतला में न्यूजीलैंड की स्टील फ्रेम टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है.वहीं लखनऊ में कनाडा की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो रहा है.

    पीएम ने 6 राज्यों से की थी इस प्रोजेक्ट की शुरुआत

    आपको बताये कि लाइट हाउस प्रोजेक्ट के तहत गरीब लोगों के इकोलॉजी का ध्यान रखते हुए सस्ते दरों पर टिकाऊ आवास उपलब्ध कराया जाता है.इसकी शुरुआत के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से झारखंड, त्रिपुरा उत्तर प्रदेश, गुजरात,मध्य प्रदेश और तमिलनाडु को चुना हैं. प्रोजेक्ट के तहत बननेवाले घरों में खास तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है, और सस्ते और मजबूत मकान बनाए जाते है.प्रोजेक्ट में फैक्टी से ही बीम-कॉलम और पैनल तैयार को तैयार करके इस्तेमाल किया जाता है.जिससे इसकी लागत कम हो जाती है, और समय भी कम लगता है.वहीं इसके तहत बननेवाले मकान भूकंपरोधी भी होते है.

    इस प्रोजेक्ट के तहत 12.59 लाख का फ्लैट आपको 4.76 लाख में मिल जाता है

    लाईट हाउस प्रोजेक्ट के तहत बननेवाले मकान का पूरा कारपेट एरिया 34.50 वर्ग मीटर में होता है, वहीं ये 14 मंजिला टावर होता है. जिसमे कुल 1,040 फ्लैट होते है, जिसमे प्रत्येक फ्लैट 415 वर्ग फुट का होता है. आपको बताये कि एक फ्लैट की कीमत 12.59 लाख रुपये है, जिसमे केंद्र और राज्य सरकार की ओर से 7 लाख 83 हजार सब्सिडी के तौर पर दी जाती है, जिससे इसकी कीमत लाभुकों को केवल बाकी 4.76 लाख रुपये देने होते है.

    किसको इस प्रोजेक्ट के तहत लाभ मिलता है

    आईए जान लेते है आखिर ऐसे कौन लोग है जिन्हे इस प्रोजेक्ट के तहत लाभ मिल सकता है, तो आपको बताये कि यदि आप इस प्रोजेक्ट के तहत अपना घर पाना चाहते है, तो आप जिस राज्य में अप्लाई कर रहे है, वहां का स्थाई निवासी होना जरुरी है. पूरे देश में आपके नाम पर कोई पक्का मकान नहीं होना चाहिए.आपकी सालाना आय तीन लाख से कम होना चाहिए.घर का स्मामित्व घर की महिला को ही दिया जायेगा.इसका आवंटन लॉटरी सिस्टम से लाभुकों के बीच किया जाता है.

    पढ़ें क्या है झारखंड में इसकी स्थिति

    वहीं झारखंड में लाईट हाउस प्रोजेक्ट की बात करें, तो रांची के धूर्वा स्थित आनी में इस प्रोजेक्ट के तहत तैयार 1040 तैयार फ्लैट को लाभुकों के बीच साल 2024 के मार्च महीने में लॉटरी सिस्टम से सौंपा जा चुका है, लेकिन इसकी मजबूती और निर्माण में गड़बड़ी को लेकर सवाल खड़े हुए है.एक तरफ जहां पीएम नरेंद्र मोदी ने घरों की मजबूती की बात कही थी, तो वहीं दुसरी तरफ रांची के धुर्वा में लाभुक तीन महीने बाद ही इसकी मजबूती पर सवाल खड़े करने लगे, जिसमे उनकी शिकायत थी कि दिवारों में दरार के साथ टाईल्स उखड़ रहे है.वहीं 6 राज्यों के बाद अभी तक कहीं भी दूसरे राज्यों में इस प्रोजेक्ट की शुरुआत नहीं की गई है.


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