झारखंड के संथाल परगना में क्या छिड़ गया है "गुरिल्ला युद्ध", सांसद निशिकांत दुबे पर 51 और पत्नी पर 47 मुकदमे की क्या है कहानी

    झारखंड के संथाल परगना में क्या छिड़ गया है "गुरिल्ला युद्ध", सांसद निशिकांत दुबे पर 51 और पत्नी पर 47 मुकदमे की क्या है कहानी

    TNP DESK-| क्या झारखंड के संथाल में "गुरिल्ला युद्ध" छिड़  गया है? क्या समय के अनुसार किरदार बदल जा रहे है.? इस सवाल से झारखंड की राजनीति भी गरमा गई है.   लड़ाई प्रत्यक्ष तो नहीं दिख रही है ,लेकिन परोक्ष रूप से एक के बाद एक मुकदमे और आरोप  लगने शुरू हो गए है.  गोड्डा  के सांसद निशिकांत दुबे का दावा है कि उनके खिलाफ अब तक 51  मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं, जबकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी का कहना है कि सांसद की पत्नी अनामिका गौतम पर 47 केस  किए गए है.  दरअसल, अभी हाल ही में राष्ट्रपति देवघर के दौरे पर थी.  राष्ट्रपति की सुरक्षा में चूक  का मामला सांसद निशिकांत दुबे ने उठाया था.  कहा जाता है कि उनकी शिकायत के बाद पांच पुलिस वालों पर एक्शन लिया गया.   सांसद ने सवाल उठाया था कि बड़े अधिकारियों की  निगरानी में सब कुछ होने के बावजूद सुरक्षा में  चूक  कैसे हो गई? 

    सांसद ने राष्ट्रपति की सुरक्षा में चूक का उठाया था मुद्दा 
     
    इसकी चर्चा झारखंड से लेकर दिल्ली तक हुई.  31 जुलाई को राष्ट्रपति एम्स के पहले दीक्षांत समारोह  में देवघर पहुंची थी.  राष्ट्रपति की सुरक्षा में लगी एस्कॉर्ट की कुछ गाड़ियां दूसरी दिशा में डाइवर्ट हो गई.  इसके बाद राष्ट्रपति की सुरक्षा में चूक  का मामला सामने आया.  इसको लेकर संथाल  के आईजी ने पांच पुलिस वालों पर कार्रवाई की.  इसको लेकर पुलिस की किरकिरी भी हुई.  उसके बाद मंदिर में प्रवेश को लेकर सांसद निशिकांत दुबे, सांसद मनोज तिवारी सहित अन्य पर बाबा मंदिर थाने में मुकदमा दर्ज हो जाता है.  सांसद  के अनुसार  उन पर यह 51 वा  मुकदमा था.  इसके बाद तो निशिकांत दुबे आर -पार की लड़ाई के मूड में आ गए है.  उनका आरोप है कि जिस व्यक्ति को मंदिर की व्यवस्था से कुछ लेना -देना नहीं है, वह उन पर आरोप लगाया और पुलिस ने मुक़दमा भी दर्ज कर लिया. सांसद ने शनिवार को थाने में भी यह सवाल उठाया कि वहां मजिस्ट्रेट थे, पुलिस वाले थे, तो उनके खिलाफ शिकायत मजिस्ट्रेट अथवा पुलिस वाले को करना चाहिए था.  

    क्या कहते है शिकायत कर्ता ,बताया क्यों की शिकायत 

    दूसरा व्यक्ति कैसे किया, हालांकि इस संबंध में शिकायतकर्ता  कार्तिक नाथ ठाकुर का कहना है कि निश्चित रूप से यह शिकायत दंडाधिकारी अथवा पुलिस वाले को करनी चाहिए थी.  लेकिन जब कोई कुछ नहीं किया, सब चुप थे तो सामान्य नागरिक की हैसियत से उन्होंने शिकायत की.  अब आगे की कार्रवाई करना पुलिस का काम है.  उन्होंने अपना कर्तव्य निभाया है, जब सब चुप थे तो वह आगे बढ़कर शिकायत दर्ज कराए है.   सांसद निशिकांत दुबे ने शुक्रवार को सोशल मीडिया एक्स  पर पोस्ट कर कहा था  कि उनके खिलाफ 51  मुकदमे  दर्ज कर लिए गए है.  इसके कई दिन पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया एक्स  पर पोस्ट कर कहा था कि सांसद निशिकांत दुबे की पत्नी अनामिका गौतम पर झारखंड में 47 केस  दर्ज किए गए है.  पति-पत्नी पर अब तक हुए मुकदमे को लेकर बाबूलाल मरांडी ने कड़ा प्रतिवाद किया था . 

    झारखंड पुलिस को बाबूलाल मरांडी ने दी थी सलाह 
     
    उन्होंने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा था  कि राजनीतिक लड़ाई अपनी जगह पर है, लेकिन झारखंड के पुलिस अधिकारियों को ऐसा काम नहीं करना चाहिए.  उन्हें तो सिर्फ कानून का पालन करना चाहिए.  शुक्रवार को कार्तिक नाथ ठाकुर की शिकायत पर बाबा मंदिर थाने में दर्ज  मुकदमे के बाद सांसद निशिकांत दुबे देवघर पहुंचे. कहा कि वह सांसद है ,कोई भगोड़ा नहीं है. पुलिस उन्हें गिरफ्तार करे.  इधर , सांसद निशिकांत दुबे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर झारखंड के मुख्य सचिव, डीजीपी, डीसी और एसपी  के खिलाफ विशेषाधिकार  हनन का आरोप लगाया है. संसद ने  आरोप लगाया है कि बाबा बैद्यनाथ धाम में 2 अगस्त को मंदिर में दर्शन के दौरान उनके ऊपर और सांसद मनोज तिवारी सहित अन्य सहयोगियों पर प्रशासन द्वारा झूठा  और मनगढ़ंत आरोप लगाकर एफआईआर  दर्ज की गई है.  

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो


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