बुढ़ापे की लाठी  "यू पी एस" से रेल कर्मियों को क्या होगा लाभ, पढ़िए इस रिपोर्ट में 

    बुढ़ापे की लाठी  "यू पी एस" से रेल कर्मियों को क्या होगा लाभ, पढ़िए इस रिपोर्ट में 

    धनबाद(DHANBAD): प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के साथ 24 अगस्त शनिवार को आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महामंत्री सह संयुक्त परामर्श दात्री संस्था के राष्ट्रीय परिषद के सचिव शिव गोपाल मिश्रा की महत्वपूर्ण बैठक हुई.  पिछले दस साल में यह पहला अवसर था, जब  प्रधानमंत्री  ने भारतवर्ष के संगठित क्षेत्र के मजदूर प्रतिनिधियों से बैठक की.   उनकी  समस्याओं को सुना.  प्रधानमंत्री आवास पर  हुई इस बैठक में शिव गोपाल मिश्रा ने भारत के सभी सेक्टर के मजदूरों के लिए पेंशन की गारंटी की मांग दुहराई, बैठक में प्रधानमंत्री  ने उपस्थित सदस्यों के विचारों को गंभीरता से सुना और समाधान के लिए आश्वस्त किया था.  शनिवार शाम को  कैबिनेट की बैठक में पेंशन की गारंटी स्वरूप यू पी एस के मसौदे को लागू करने की घोषणा की गई. 

    लम्बे समय से हो रही थी मांग 

     ईसीआरकेयू के धनबाद मंडल के मीडिया प्रभारी एन के खवास ने बताया कि लंबे समय से रेलकर्मी एआईआरएफ तथा ईसीआरकेयू के नेतृत्व में सेवानिवृत्ति पर एन पी एस समाप्त कर पुरानी  पेंशन के रूप में पेंशन की गारंटी की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन कर रहे थे. ईसीआरकेयू के केन्द्रीय अध्यक्ष डी के पाण्डेय ने कहा कि  रेलकर्मियों के संगठित संघर्ष से पेंशन की गारंटी मिली है.  उन्होंने कहा कि एन पी एस के अधीन अभी जहाँ हजार बारह सौ रूपये ही पेंशन के रूप में मिल रही थी, अब यू पी एस लागू होने पर अंतिम सेवा वर्ष के बारह महीने के वेतन के औसत की आधी राशि पेंशन के रूप में देने की गारंटी मिली है.   ईसीआरकेयू के अपर महामंत्री  मो ज़्याऊद्दीन ने यूनियन के समस्त पदाधिकारियों और  रेलकर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि आजीवन राष्ट्र सेवा के बाद  रेलकर्मियों को उनके बुढ़ापे में एक मजबूत सहारा मिला है.   एआईआरएफ के जोनल सेक्रेट्री ओ पी शर्मा ने इस बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि यू पी एस के तहत अंतिम बारह महीनों के वेतन के औसत का आधा पेंशन तथा उसके साथ मंहगाई राहत भत्ता दिए जाने का प्रावधान किया गया है.  यह प्रावधान 25 वर्ष की सेवा पूरी करने पर मिलेगा. 

    10 वर्षों की सेवा पर 10 हजार रूपये पेंशन मिलेगी
     
    10 वर्षों की सेवा पर 10 हजार रूपये पेंशन मिलेगी.  तथा इसपर मंहगाई राहत भत्ता भी मिलेगा.  10 से अधिक 25 वर्षों से कम अवधि की सेवा के लिए उसी अनुपात में पेंशन मिलेगी.  पेंशनधारी की मृत्यु  होने पर उनकी  मूल पेंशन की  60 प्रतिशत राशि पारिवारिक पेंशन के रूप में उसके आश्रित को मिल सकेगी.  योगदान राशि के रूप में कर्मचारियों की भागीदारी 10 प्रतिशत ही रखी गई है, मगर सरकार द्वारा भागीदारी 18.5 प्रतिशत की जाएगी.  कर्मचारी को यह छूट दी गई है कि वह या तो एन पी एस पद्धति का चुनाव करे या यू पी एस पद्धति का.  यह स्कीम एक अप्रैल 2025 से लागू होगी.  इसके अंतर्गत उन सभी कर्मचारियों को भी यू पी एस का पेंशन लाभ मिलेगा, जो अबतक एन पी एस सिस्टम के तहत सेवानिवृत्त हो चुके है.  यह भी महत्वपूर्ण है कि इस गारंटीड पेंशन के अतिरिक्त एकमुश्त ग्रेच्युटी राशि का भी भुगतान होगा, जो सेवा अवधि तथा  इस अवधि में मिलने वाली वेतन राशि पर आधारित होगा.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो   
                    


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