ठग गिरोह से आजिज़ सरकारी कम्पनियों ने क्या किये हैं उपाय, जानिए इस खबर में


धनबाद (DHANBAD): कोयलांचल और इस्पतांचल में नौकरी के नाम पर ठगने वाला मजबूत गिरोह सक्रिय है. नतीजा है कि भोले-भाले लोग ठगे जा रहे हैं. धनबाद शहर के भी कई लोग ठगे गए हैं. बीसीसीएल, नगर निगम, रेलवे, बोकारो स्टील प्लांट सहित अन्य सरकारी, लोक, क्षेत्रीय प्रतिष्ठानों और संस्थानों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर यह गिरोह लोगों को ठगता है. यहां तक कि फर्जी नियुक्ति पत्र, फर्जी ट्रेनिंग सर्टिफिकेट आदि भी उपलब्ध करा देता है. जब यह नियुक्ति पत्र लेकर अभ्यर्थी नौकरी ज्वाइन करने पहुंचते हैं तो उन्हें पता चलता है कि यह तो पत्र ही फर्जी है. फिर उनके सामने विचित्र स्थिति उत्पन्न हो जाती है.
धनबाद सहित अन्य थानों में दर्ज हैं मुकदमे
धनबाद सहित अन्य थानों में ऐसे कई मामले दर्ज हैं. लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बाद भारत सरकार के लोक क्षेत्रीय प्रतिष्ठानों ने जागरूकता के लिए अभियान शुरू किया है. लोगों को सचेत किया जा रहा है कि ठग गिरोह के झांसे में नहीं आएं, इसके लिए विज्ञापन आदि भी निकाले जा रहे हैं. बोकारो स्टील प्लांट ने एक सूचना निकाली है. सूचना में कहा गया है कि सर्वसाधारण को यह विदित हो कि सेल \ बोकारो इस्पात संयंत्र में नियोजन की एक पूर्व निर्धारित और पारदर्शी प्रक्रिया है. संयंत्र में होने वाली रिक्तियों को नियोजनालय में अधिसूचित किया जाता है तथा समाचार पत्रों में प्रकाशन किया जाता है. सेल की वेबसाइट पर भी डाल दिया जाता है.
बोकारो स्टील प्लांट ने किया है आगाह
नौकरी के लिए आवेदन सेल की वेबसाइट पर किए जाने का प्रावधान है. आवेदन की अधिकतम शुल्क ₹500 है. चयनित उम्मीदवारों की मेरिट लिस्ट भी सेल की वेबसाइट पर ही उपलब्ध होती है. प्रमाण पत्रों की जांच एवं कंपनी के अस्पताल में मेडिकल के बाद ही उम्मीदवारों को कंपनी की सेवा में बहाल किया जाता है. यह भी कहा गया है कि नौकरी की प्रक्रिया अति गोपनीय है, जिसमें किसी व्यक्ति, संस्था या संगठन से कोई जानकारी किसी भी चरण में साझा नहीं की जा सकती है. आगे नोटिस में कहा गया है कि नियोजन के किसी भी चरण में या किसी व्यक्ति, संस्था, संगठन द्वारा नियोजन का आश्वासन दिया जाता है और किसी प्रकार की मांग की जाती है तो इस पर ध्यान नहीं दें. और इसकी सूचना पुलिस को दें. किसी भी आशंका से बचने के लिए सेल की वेबसाइट पर नियोजन के विज्ञापन की पुष्टि करें एवं आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें. अंत में यह कहा गया है कि सभी से अपील की जाती है कि नियोजन का आश्वासन देने वाले किसी भी व्यक्ति ,संस्था या संगठन से सतर्क रहें एवं किसी भी भ्रामक दुष्प्रचार का शिकार न बनें.
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