शाबाश झारखंड पुलिस ! अब मयंक से एटीएस पूछेगी सवाल और वह बताएगा झारखंड के क्रिमिनल्स गिरोह की केमिस्ट्री

    शाबाश झारखंड पुलिस ! अब मयंक से एटीएस पूछेगी सवाल और वह बताएगा झारखंड के क्रिमिनल्स गिरोह की केमिस्ट्री

    धनबाद (DHANBAD) : शाबाश झारखंड पुलिस. पहली बार विदेश से प्रत्यार्पण पर झारखंड लाया गया कुख्यात क्रिमिनल. झारखंड के कम से कम तीन अपराधियों के एनकाउंटर के बाद शनिवार को झारखंड पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली. झारखंड में पहली बार ऐसा हुआ जब किसी अपराधी को बाहर के देश से लाया गया है.   मोस्ट वांटेड मयंक सिंह उर्फ़ सुनील मीणा को झारखंड पुलिस ने अज़रबैजान से रांची लाने में सफल हो गई है. पिछले कई महीनो से झारखंड पुलिस इस काम में लगी हुई थी. आखिरकार झारखंड पुलिस को यह सफलता मिली और पुलिस के खाते में एक रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया. झारखंड पुलिस कुख्यात अपराधी को लाने में सफलता हासिल की.  

    झारखंड पुलिस के 8- 9 महीने की मेहनत का निकला परिणाम 

    झारखंड पुलिस के 8- 9 महीने की मेहनत का यह प्रतिफल है कि मयंक सिंह आज झारखंड लाया जा सका. जानकारी के अनुसार मंयक सिंह को रामगढ़ कोर्ट में आज ही पेश किया जा सकता है और हो सकता है कि एटीएस उसे रिमांड पर लेने के लिए आवेदन दे. अगर रिमांड मिल जाता है तो एटीएस उससे पूछताछ करेगी. उसके बाद कई नेटवर्क का खुलासा हो सकता है. यह भी पता चल सकता है कि अमन साव और मयंक सिंह के नेटवर्क का क्या गुणा- गणित था. पिछले साल तक झारखंड पुलिस के लिए मयंक सिंह एक परेशानी बना हुआ था. एटीएस की  जांच में यह बात सामने आई कि इंटरनेट कॉल के जरिए झारखंड के कारोबारियों  को डरने वाला मयंक सिंह असल में  सुनील  मीणा है. मयंक सिंह के नाम से कुख्यात गैंगस्टर रहे अमन साव के लिए वह काम करता है. 
     
    झारखंड के बड़े कारोबारियों  को मयंक सिंह इंटरनेट कॉल पर धमकाता था 
     
    झारखंड के सभी बड़े कारोबारी को मयंक सिंह इंटरनेट कॉल पर धमकी देता था. झारखंड पुलिस को मिली इस सफलता से पुलिस टीम भी उत्साहित है और जिस तरह मयंक सिंह के केस में पुलिस को सफलता मिली है, अब विदेश में बैठकर झारखंड में आतंक मचा रहे अपराधियों के खिलाफ भी पुलिस एक्शन तेज हो सकता है. साथ ही मयंक सिंह से पूछताछ में बड़े नेटवर्क का खुलासा भी हो सकता है. आंकड़ों के अनुसार मयंक सिंह के खिलाफ झारखंड के विभिन्न स्थानों में कुल 48 मामले दर्ज हैं. सबसे ज्यादा मामले मयंक के खिलाफ हजारीबाग जिला में दर्ज हैं. हजारीबाग के बड़कागांव, केरेडारी, कोर्रा, हजारीबाग सदर जैसे थानों में मयंक के खिलाफ दर्जन भर केस दर्ज है. इसके अलावा रांची, रामगढ़, पलामू और गिरिडीह में भी मयंक सिंह के खिलाफ मामले दर्ज हैं. 
     
    मयंक सिंह के ऊपर छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी दर्ज है मामले 
     
    मयंक सिंह के ऊपर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और राजस्थान में भी मामले दर्ज हैं.  यह अलग बात है कि पुलिस के एक्शन के बाद झारखंड के अपराधी डरे हुए हैं और वह लगातार सरेंडर कर रहे है. पलामू में डब्ल्यू सिंह ने सरेंडर कर दिया है. झारखंड पुलिस अब अपराधियों की संपत्ति को भी खंगाल रही है. यहां बता दें कि अमन साव  के एनकाउंटर के बाद संथाल का डॉन कहा जाने वाला सूर्य हंसदा भी एनकाउंटर में मारा  गया. धनबाद का आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह यूपी पुलिस के साथ एनकाउंटर में प्रयागराज में मारा गया था. अपराधियों के यह तीन बड़े नाम थे. मयंक सिंह को झारखंड लाकर निश्चित रूप से पुलिस ने अपराधी गैंग को एक बड़ा संदेश दिया है. 

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 

     


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