बोकारो में बवाल : जयंत सिंह को बोकारो से उठाया और निर्मम हत्या के बाद गिरिडीह में फेंका, लोगों का फूटा गुस्सा तो क्या हुआ !


धनबाद (DHANBAD) : बोकारो में मंगलवार को लोगों का गुस्सा बेकाबू हो गया. लोगों ने सड़क जाम कर दी. प्रदर्शनकारी पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे. दरअसल, बोकारो के सेक्टर-8 से अपहृत जयंत सिंह का गिरिडीह के जंगल से सोमवार को शव बरामद किया गया. अपराधियों ने 10 दिसंबर को जयंत सिंह का अपहरण कर हत्या कर दी. फिर गिरिडीह के जंगल में शव फेंक दिया. इस मामले में ओडिशा के भुवनेश्वर से गिरफ्तार मुख्य आरोपी विनोद खोपड़ी की निशानदेही पर बोकारो एसआईटी सीट की टीम ने सोमवार को गिरिडीह के पीरटांड़ के जलेबिया घाटी के जंगल से शव बरामद किया.
ओडिशा से अरेस्ट हुआ मुख्य आरोपी, जंगल से लाश बरामद
एसआईटी के हाथों विनोद खोपड़ी की गिरफ्तारी और जयंत सिंह के शव बरामद होने की सूचना पूरे जिले में फैल गई. सोमवार की शाम में जब एसआईटी आरोपी को लेकर हरला थाना पहुंची, तो उसके पहले ही जयंत के समर्थक और मोहल्ले के लोग पहुंच गए थे. मंगलवार को सड़क पर उतरे लोगों ने मुख्य आरोपी विनोद खोपड़ी को अपराधी बताते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना था कि बोकारो स्टील मैनेजमेंट गरीबों की झोपड़िया हटाने में देरी नहीं करता, लेकिन विनोद खोपड़ी द्वारा बोकारो स्टील की 5 एकड़ से अधिक जमीन पर किए गए अवैध कब्जे पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है.
क्या थी प्रदर्शनकारियों की मांग, क्यों हुई हत्या ?
प्रदर्शनकारियों ने मांग की थी कि उसके अवैध निर्माण पर तत्काल बुलडोजर चलाया जाए, उस पर सीसीए एक्ट लगाया जाए और स्पीडी ट्रायल के जरिए कड़ी सजा दिलाई जाए. पुलिस के अनुसार जयंत की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या की गई और शव को ठिकाने लगाया गया. पत्नी के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसमें विनोद खोपड़ी पर धमकी देने और अगवा कराने का आरोप लगाया गया है. हत्या निर्ममता से की गई है. पुलिस सूत्र के अनुसार मामूली विवाद को लेकर इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया गया है.
रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो
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