UPDATE: गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में सिलेंडर से लगी आग, सरकार पर लापरवाही का आरोप, जानिए पूरा मामला

    UPDATE: गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में सिलेंडर से लगी आग, सरकार पर लापरवाही का आरोप, जानिए पूरा मामला

    दुमका (DUMKA) : दुमका में एक बड़ा हादसा टल गया. शहर के सघन अधिवास वाले करहलबिल मोहल्ला स्थित एसपी कॉलेज गर्ल्स हॉस्टल संख्या 1 में एलपीजी का छोटा सिलेंडर से आग लग गई. हॉस्टल के कमरे में खाना बनाने के दौरान यह हादसा हुआ. अफरा-तफरी के माहौल में छात्रावास से बाहर भागने के क्रम में एक लड़की आंशिक रूप से घायल हो गई. जिसे इलाज के लिए फूलोझानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया. वहीं इस घटना में हॉस्टल का एक कमरा पूरी तरह से जल गया. कमरा में रखा छात्राओं का सारा डॉक्यूमेंट जलकर राख हो गया. छात्राओं का रो रो कर बुरा हाल है.

    घटनास्थल पर पहुंचे एसडीओ 

    सूचना मिलते ही एसडीओ महेश्वर महतो और नगर थाना प्रभारी नवल किशोर सिंह घटनास्थल पर पहुंचे. फायर ब्रिगेड की गाड़ी को बुलाया गया. दमकल की मदद से आग पर काबू पाया गया. हॉस्टल में 50 से ज्यादा एलपीजी का छोटा सिलेंडर रखा हुआ था, जिस पर छात्राएं खाना बनाती थी. इस बाबत पूछे जाने पर एसडीओ महेश्वर महतो ने कहा कि जिन छात्राओं का डाक्यूमेंट्स जला है, उन्हें नया डाक्यूमेंट्स मिल जाएगा. उन्होंने कहा कि हर बिंदु ओर प्रसासन जांच कर रही है.


    जल्द हो रसोईया की नियुक्ति - छात्र नेता

    इस घटना से छात्रों में आक्रोश व्याप्त है. छात्र नेता श्यामदेव हेम्ब्रम ने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है. बार-बार हमलोग सरकार और प्रसासन से छात्रावास में रसोइया बहाली की मांग करते है, लेकिन आज तक मांग पूरी नहीं हुई. हमेशा आश्वासन ही मिलता रहा. उन्होंने कहा कि पहले तो शासन और प्रसासन से मांग है कि जिनका कागजात जल गया है, उसे फिर से कागजात उपलब्ध कराए. साथ ही तमाम छात्रावास में रसोईया की नियुक्ति शीघ्र करे. अन्यथा छात्र सड़कों पर उतर कर जोरदार आंदोलन के लिए बाध्य हो जाएंगे.


    पहले भी हो चुकी घटना, झुलसे थे चार लड़के

    इस घटना ने कई सवालों को जन्म दिया है. सरकार छात्रों को पढ़ाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छात्रावास का निर्माण करवाती है. लेकिन जिले के तमाम छात्रावासों में मूल भूत सुविधाओं का अभाव है. एक अदद रसोईया और सुरक्षा प्रहरी की मांग छात्रों द्वारा बार बार किया जाता है, लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिलता. नतीजा हॉस्टल में रहने वाले छात्र खुद से खाना बनाने को विवश है. अब खाना लकड़ी पर तो बनेगा नहीं, इसलिए यह जानते हुए भी की छोटा एलपीजी सिलेंडर पर खाना बनाना जोखिम भरा हो सकता है, जान जोखिम में डालकर खाना बनाती है. छोटा एलपीजी गैस सिलेंडर का रिफिलिंग अवैध है. खाना पूर्ति के लिए समय समय पर प्रसासन द्वारा अवैध गैस रिफिलिंग के खिलाफ अभियान भी चलाती है, इसके बाबजूद अवैध गैस रिफिलिंग का धंधा पूरे शहर में फैला हुआ है. लगभग 2 महीने पूर्व शिकारीपाड़ा के एक बालक छात्रावास में छोटा एलपीजी गैस सिलेंडर में आग लगी थी,  जिसमे हॉस्टल के कई कमरे छतिग्रस्त हो गए थे और 4 लड़के झुलस गए थे. उसवक्त भी प्रसासन में मामले की जांच करने और हॉस्टल में गैस सिलेंडर रखने पर रोक लगाने की बात कही थी, लेकिन कितना अंकुश लग पाया यह आज की घटना से स्पस्ट है. इसलिए जरूरत है छात्रावास में जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने की ताकि छात्र बेख़ौफ़ होकर अपना भविष्य संवार सके.


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