बीस सालों तक चक्कल्स अब रिटायरमेंट के समय फ़जीहत! झारखंड के एक दर्जन से ज्यादा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को ED की नोटिस


टीएनपी डेस्क(TNP DESK):झारखंड में कई सालों तक सिस्टम को मजबूती देने और प्रशासन के स्तंभ को थामे रखने वाले कई ऐसे वरिष्ठ अधिकारी अब ED की रडार पर है जो कई दसकों तक प्रशासन और पुलिस सेवा में अपनी अहम भूमिका निभा चुके है.झारखंड के एक दर्जन से अधिक अधिकारियों के खिलाफ ईडी ने मोर्चा खोल दिया है और आय से अधिक संपत्ति और इनकम ऑफ सोर्स के गलत संदेश पर उन्हें नोटिस दिया गया है और कार्रवाई शुरू की गई है जिस पर अब प्रशासनिक गलियारों में खलबली मच चुकी है. सभी तरफ अब इस बात की चर्चा हो रही है.इन अधिकारियो में ऐसे कई लोग है जो रिटायर हो चुके है तो वहीं कई अब इसकी कगार पर पंहुच चुके है लेकिन अब इनके साफ और बेदाग छवि पर अंतिम समय में दाग लगाने वाला है.
एक दर्जन अधिकारियों के खिलाफ ईडी का नोटिस जारी
ईडी के अनुसार जिन एक दर्जन अधिकारियों के खिलाफ ईडी ने नोटिस जारी किया है उन पर अपने नौकरी पर रहने के दौरान आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और वित्तीय लेन-देन के साथ मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है.ऐसे में इन सभी अधिकारियों के हाथ पैर फुलने लगे है जिनके खिलाफ नोटिस जारी किया गया है.नोटिस पाने वालों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जिला के स्तर पर सेवा देने वाले के साथ विभाग प्रमुख शामिल है.जिनसे ईडी की ओर से निर्धारित समय के अंदर अपनी कुल संपत्ति, आय के स्रोत, बैंक खाते और निवेश के साथ कई जानकारी मांगी गई है.
ईडी 20 साल पहले तक के सभी घोटालों की जांच कर रही है
ईडी आज से 20 साल पहले तक के सभी घोटालों की जांच कर रही है और इस दौरान जो भी अधिकारियों पर संदेह है उनके खिलाफ नोटिस जारी किया गया है.जांच में अगर इनके खिलाफ सबूत पाए जाते है और ये दोषी पाए जाते है तो ईडी की ओर से कार्रवाई की जाएगी.ईडी झारखंड में 15 से 20 साल पहले हुई जमीन के सौदा, खनिज परिवहन और विभाग से जुड़े घोटालों की जांच कर रही है कि कहीं इन घोटालों में इन अधिकारियों का हाथ तो नहीं है.
कई अधिकारी हो चुके है रिटायर तो कई रिटायरमेंट की कगार पर
दअरसल जब भी कोई सरकारी अधिकारी अपनी सेवा से रिटायर्ड हो जाता है तो लोग उनको काफी ज्यादा इमानदार मानते है और अपने काम के प्रति निष्ठावान मानते है लेकिन रिटायरमेंट के बाद ईडी की ओर से नोटिस जारी होना उन तमाम अधिकारियों की ईमानदारी पर सवाल खड़े करता है जिनकी छवि अब तक सभी के नजर में साफ़ और बेदाग थी.ईडी के इस कार्यवाई से विपक्ष सरकार पर कई सवाल खड़े कर रहा है और पूछ रहा है कि जब इन अधिकारियों पर पहले से संदेह था तो इन पर कार्यवाही पहले क्यों नहीं की गई.वही झारखंड सरकार का कहना है कि जांच एजेंसी को पूरी तरह से स्वतंत्र रखा गया है वह अपनी जांच कर रहे है जो भी दोषी पाया जाएगा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
आप रिटायरमेंट के बाद भी जांच से नहीं बच सकते है
ईडी के इस नोटिस के बाद एक बात तो साफ हो गई है कि आप रिटायरमेंट के बाद भी जांच से नहीं बच सकते है.ईडी ने साफ संदेश दिया है कि यदि कोई अधिकारी अपनी ड्यूटी के दौरान कोई घोटाला करता है और वो रिटायर हो जाता है तो वह बच जाएगा ऐसा सोचता है तो ये बिल्कुल गलत है.क्योंकि रिटायरमेंट किसी से भी जांच से नहीं बचा जा सकता है और अगर आप दोषी है तो आपको सजा जरूर मिलेगी.
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