धनबाद के निरसा में फटी जमीन ,हुआ भूधंसान , लोगों के मरने और घायल होने की आशंका


धनबाद(DHANBAD) | ईसीएल मुगमा क्षेत्र की चापापुर कोलियरी की बंद 9 नंबर एवं बैजना कोलियरी की बंद 14 नंबर खदान में शुक्रवार की सुबह लगभग 100 मीटर के दायरे में, अवैध उत्खनन स्थल के पास भूधसान होने से अफरा-तफरी मच गई. सूचना है कि भूधसान के समय अवैध खनन जारी था. जिसमे मौत होने की भी सूचना फ़ैली है. लोग घायल भी हुए है. मरने वाले मजदूर जामताड़ा एवं मधुपुर के बताए जा रहे है. 29 अप्रैल को उक्त खदान में ही लगभग 300 मीटर के दायरे में भूधसान हुआ था. जिसमें देवियाना बाउरी टोला के 5 लोगों के घरों में दरारे पड़ गई थी. कई घर क्षतिग्रस्त हो गए थे. स्थानीय लोग की मांग पर ईसीएल प्रबंधन ने अवैध उत्खनन स्थलों की भराई शुरू करवाई थी.
सुबह- सुबह तेज आवाज़ के साथ फटी जमीन
परंतु कुछ दिनों बाद कोयला तस्करों ने प्रदूषण का बहाना बनाकर प्रबंधन पर दबाव बनाकर अवैध उत्खनन स्थलों की भराई बंद करवा दी.जानकारी के अनुसार शुक्रवार की अहले सुबह जोरदार आवाज के साथ जमीन धंस गई. अवैध खनन कर रहे 2 मजदूर के ऊपर बड़ा सा पत्थर गिरा. चर्चा है कि आनन-फानन में शव को हटा दिया गया तथा घायलों का गुप्त तरीके से इलाज करवाया जा रहा है.9 अप्रैल को हुए भूधसान की घटना के बाद ग्रामीणों की मांग पर सीबीएच ग्रुप के अभिकर्ता, निरसा थाना प्रभारी, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने बैठक कर अवैध उत्खनन स्थलों की भराई शुरू करवाई थी. कुछ दिनों तक तो भराई का कार्य चला.
खास कोयला तस्कर ने जुगत लगाकर करवा दी भराई बंद
परंतु जैसे ही एक खास कोयला तस्कर की खदान की बारी आई तो उसने ग्रामीण महिलाओं एवं पुरुषों को आगे कर प्रदूषण का बहाना बनाकर भराई कार्य रुकवा दिया. इस संबंध में देवियाना पंचायत के मुखिया संदीप रविदास का कहना है कि 14 जून को मैंने उपायुक्त, अंचलाधिकारी एवं निरसा थाना प्रभारी को पत्र लिखकर अवैध रोकने की मांग की थी. मैंने कहा था कि बाउरी टोला के लोगों को सरकारी जमीन देकर अन्यत्र बसाया जाए तथा ईसीएल से उन लोगों के घर का मुआवजा दिलवाया जाए. वही इस संबंध में चापापुर कोलियरी के प्रबंधक अजीत कुमार सिंह एवं बैजना कोलियरी के प्रबंधक संदीप कुमार ने कहा कि मुझे मामले की जानकारी नहीं है. जानकारी प्राप्त कर अग्रसर कार्रवाई की जाएगी.
निरसा (धनबाद) से विनोद सिंह की रिपोर्ट
4+