TNP SPECIAL-चर्चे में  48 खरब लूट की  'कांग्रेस फाइल्स' VS  'हम अडानी के हैं कौन' अभियान ,जानिए 2004 -2014 को क्यों कहा जा रहा खोया दशक

    TNP SPECIAL-चर्चे में  48 खरब लूट की  'कांग्रेस फाइल्स' VS  'हम अडानी के हैं कौन' अभियान ,जानिए 2004 -2014 को क्यों कहा जा रहा खोया दशक

    धनबाद(DHANBAD):  लगता है 2024 का चुनाव देश की जनता बहुत दिनों तक याद रख सकेगी.  फिलहाल राहुल गांधी के मुद्दे के बाद कॉन्ग्रेस तमाम विपक्षी दलों को एकजुट करने का प्रयास कर रही है तो भाजपा भी इसमें कील कांटे खोंसने  की कम तैयारी नहीं कर रही है.  भाजपा ने रविवार को कांग्रेस पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए" कांग्रेस फाइल्स "नाम की एक सीरीज शुरू की है.  3 मिनट 4 सेकंड के इस शॉर्ट फिल्म को भाजपा ने अपने ट्विटर हैंडल से शेयर किया है.  कहा गया है कि 70 साल के शासन के दौरान कांग्रेस के लोगों ने 48 खरब से अधिक रुपए लूटे  है.  2004 से लेकर 2014 के कार्यकाल को खोया हुआ दशक बताया गया है.  इसके पहले कांग्रेस ने भी उद्योगपति गौतम अडानी के मुद्दे पर भाजपा पर हमला बोला था और 'हम अडानी के है कौन'  अभियान के तहत सवालों के कई सेट  जारी किए थे.  

    विपक्षी दलों के साथ बहुत जल्द हो सकती है बैठक 

    इधर, कांग्रेस की दिल्ली में राजनीति करने वाले धनबाद के एक नेता की माने तो कांग्रेस पार्टी जल्द ही विपक्षी दलों की बैठक बुलाने पर विचार कर रही है.  जिससे कि लोकसभा चुनाव में विपक्षी एकता का ताना-बाना बुना जा सके.  पार्टी चाहती है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद इस रणनीति को अंतिम रूप दिया जा सके.  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के अनुसार शुरुआत में संसद के भीतर साथ देने वाली 19 पार्टियों को न्योता देकर बुलाया जाएगा और विपक्षी एकता का खाका तैयार होगा.  इसके बाद दूसरे विपक्षी दलों को भी आमंत्रित करने की योजना है.  बताया गया है कि राहुल गांधी को लोकसभा से अयोग्य करार दिए जाने के बाद विपक्षी दलों की तरफ से मिले समर्थन से कांग्रेस को एकता की उम्मीद जगी है.  कुछ दिन पहले पार्टी अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे  की अध्यक्षता में रात्रि भोज पर हुई विपक्षी दलों की बैठक में कई दलों के नेताओं ने लोकसभा चुनाव के लिए बैठक बुलाने की अपील की थी.  बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हाल में दिए बयान से भी पार्टी को थोड़ी ताकत मिली है.

    ममता दीदी भी दिख रही है समर्थन में 
      
    ममता बनर्जी अभी कांग्रेस से दूरी बनाकर चल रही थी लेकिन कोलकाता में केंद्र सरकार के खिलाफ धरने पर बैठी ममता बनर्जी ने कहा था कि भाजपा को हराना जरूरी है. दिल्ली के सीएम अरबिंद केजरीवाल भी भाजप के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है.  खड़गे  अभी कांग्रेस के केंद्रीय अध्यक्ष हैं और उनकी तमाम लोगों से अच्छे  संबंध है.  ऐसे में कांग्रेस खड़के को आगे कर कोई निर्णय कराने की कोशिश कर रही है.  लेकिन यह काम बहुत आसान नहीं होगा.  वैसे ,कहा जाए तो राहुल गांधी के मुद्दे ने  कांग्रेस को एक बार फिर से जीवंत कर दिया है.  कांग्रेसी उत्साह से लबरेज हो गए है.  इधर, अगर झारखंड की बात करें  तो 4 अप्रैल से पूरे प्रदेश में 'जय भारत सत्याग्रह' यात्रा शुरू हो रही है.  जो 16 अप्रैल तक चलेगी.  झारखंड के कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे रांची पहुंच रहे हैं और उनकी अगुवाई में यह यात्रा शुरू होगी और पूरी होगी.  अभी झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा, कॉन्ग्रेस और राजद  गठबंधन की सरकार चल रही है. 
     
    झारखंड में जमीन तलाशती कांग्रेस 
     
    झारखंड में अभी कांग्रेस को अपनी जमीन तलाशनी है.  वैसे, भाजपा भी चुप नहीं बैठी है.  कांग्रेस के इसी  प्रयास को खट्टा करने के लिए 'कांग्रेस फाइल्स' नाम की सीरीज शुरू की है.  इसके अलावा भी कई राजनीतिक उपाय किए जा रहे है.  वैसे झारखंड में लोकसभा चुनाव की तैयारी धीरे-धीरे शुरू हो गई है.  भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश का कार्यकाल भी खत्म हो गया है.  लेकिन भाजपा नए किसी के घोषणा के पहले फूंक-फूंक कर कदम उठा रही है.  गृह मंत्री अमित शाह झारखंड के दो बार दौरा कर चुके है.  पिछले लोकसभा चुनाव में झारखंड में 2 सीटें  भाजपा को नहीं मिली थी.  भाजपा इस बार कोशिश में है कि झारखंड की 14 सीटों पर उसका विजय पताका लहराए, लेकिन झारखंड मुक्ति मोर्चा की अगुवाई में चल रही सरकार के मुखिया हेमंत सोरेन भी भाजपा के हर प्रयास के काट के लिए गतिशील दिख रहे हैं               . 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो  


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