धनबाद के भाजपाईयों में मची ताकत और समर्थन दिखाने की होड़, सभी साध रहे हैं चुनावी टिकट पर निशाना

    धनबाद के भाजपाईयों में मची ताकत और समर्थन दिखाने की होड़, सभी साध रहे हैं चुनावी टिकट पर निशाना

    धनबाद(DHANBAD):प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर धनबाद के भाजपाई रविवार को तो सक्रिय है ही, लेकिन ये सक्रियता उनकी आगे भी बनी रहेगी. क्योंकि बाबूलाल मरांडी की संकल्प यात्रा में दम दिखाना है. दम इसलिए भी जरूरी है कि इससे उनकी ताकत का एहसास प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को होगा. और फिर इसका सीधा असर टिकट पर पड़ सकता है. सोए भाजपा नेता भी जग गए हैं. सोशल मीडिया पर तरह-तरह के कमेंट किए जा रहे हैं. कटाक्ष सीधे तौर पर तो नहीं दिख रहा है लेकिन भीतर ही भीतर तंज कैसे जा रहे हैं.

    धनबाद के भाजपाईयों में मची ताकत और समर्थन दिखाने की होड़

    आपको बता दें  कि बाबूलाल मरांडी 26 को धनबाद पहुंचेंगे. उसी दिन निरसा और सिंदरी में उनकी जनसभा है. निरसा में विधायक अपर्णा सेन गुप्ता अपनी ताकत दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी. तो गणेश मिश्रा भी निरसा में सक्रिय दिख रहे हैं. 2019 में गणेश मिश्रा का टिकट काटकर फॉरवर्ड ब्लॉक से भाजपा में आई अपर्णा सेनगुप्ता को टिकट दे दिया गया और वो चुनाव जीत गई .2019 के पहले गणेश मिश्रा लगभग 1000 वोटो से ही मासस के अरूप चटर्जी से चुनाव हारे थे. लेकिन उनका टिकट काटकर अपर्णा सेनगुप्ता को देने से भाजपाई भी अचंभित हुए थे.

    सभी साध रहे हैं चुनावी टिकट पर निशाना

    इधर, सिंदरी के विधायक इंद्रजीत महतो गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं .उनकी कमान फिलहाल पत्नी संभाले हुए हैं. पत्नी के सामने भी यह चुनौती है कि वह सिंदरी विधानसभा सीट से अपने को प्रोजेक्ट करें. इसलिए भी ताकत दिखाना उनके लिए जरूरी भी है और मजबूरी भी .27 सितंबर को धनबाद और झरिया में बाबूलाल मरांडी की सभा होगी. धनबाद के विधायक राज सिन्हा पूरी ताकत झोंक हुए हैं .योजना के मुताबिक पूरे विधानसभा क्षेत्र को झंडा, बैनर, होर्डिंग से पाटने की योजना है. राज सिन्हा दूसरी बार धनबाद विधानसभा से विधायक चुने गए हैं. तीसरी बार भी वह विधायक बने, इसके लिए वह लगातार सक्रिय रहते हैं.

    रागिनी सिंह झरिया सीट हथियाने की करेंगी कोशिश

    उधर ,झरिया की बात की जाए तो रागिनी सिंह खुद को प्रोजेक्ट करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है. झरिया में विशेष तैयारी की योजना है.2019 के चुनाव में वो अपनी गोतनी कांग्रेस उम्मीदवार पूर्णिमा नीरज सिंह के हाथों पराजित हो गई थी. इस बार उनकी कोशिश है कि हाथ से गई झरिया सीट को फिर से हथियाया जाए. इधर, बाघमारा विधानसभा में 28 सितंबर को अभी तक कार्यक्रम निर्धारित है. लेकिन बाघमारा विधायक ढुल्लू  महतो की माता का स्वर्गवास हो गया है. फिलहाल वह बाहर नहीं निकल रहे हैं .उन्होंने ही मुखाग्नि दी है. ऐसे में हो सकता है कि बाघमारा के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जाए .जो भी हो लेकिन भाजपा में सक्रियता तेज हो गई है. सांसद पशुपतिनाथ सिंह हो या पूर्व मेयर शेखर अग्रवाल, सब अपने-अपने ढंग से सक्रियता बनाए हुए हैं.

    धनबाद के चार सीटों पर भाजपा का कब्जा है

    वैसे प्रदेश भाजपा के लिए धनबाद महत्वपूर्ण स्थान है. कई मामलों में राजनीति के लिए यह जिला इंपॉर्टेंट रहता है. यहां से फिलहाल 6 में से चार सीटों पर भाजपा का कब्जा है. झरिया सीट कांग्रेस के पास है तो टुंडी सीट झारखंड मुक्ति मोर्चा के पास है. वैसे धनबाद में फिलहाल समस्याएं बहुत हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों का ध्यान अपने राजनीतिक भविष्य पर अधिक है. जनता की समस्याओं पर कम. चुनाव के वक्त जब वोट मांगने यह लोग वोटरों के पास जाएंगे तो हो सकता है कि उन्हें कड़े सवालों का सामना करना पड़े.

    रिपोर्ट:धनबाद ब्यूरो


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