NGT के निर्देश के बाद टीम पहुंची साहिबगंज, अवैध खनन को रोकने के लिए अधिकारियों की कार्रवाई की करेगी जांच

    NGT के निर्देश के बाद टीम पहुंची साहिबगंज, अवैध खनन को रोकने के लिए अधिकारियों की कार्रवाई की करेगी जांच

    साहिबगंज(SAHIBGANJ): साहिबगंज जिले में अवैध खनन रोकने के लिए क्या कार्रवाई हो रही है, इसकी जांच करने के लिए राज्य स्तरीय टीम आज साहिबगंज पहुंची. NGT यानी नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने ये टीम गठित कर साहिबगंज भेजा है. इस टीम में अपर मुख्य सचिव एल ख्यांगते, खान सचिव अबु बकर सिद्दकी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव वाई के दास आदि शामिल हैं.

    खदानों का दौरा कर टीम सौंपेगी रिपोर्ट

    एनजीटी के निर्देश के बाद यह टीम आज हेलिकाप्टर से साहिबगंज पहुंची. इसके बाद टीम सर्किट हाउस पहुंची. सर्किट हाउस में ही टीम के सदस्य अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श करेंगे. इसके बाद टीम क्रशरों और खदानों का दौरा करने निकलेगी. पत्थर खदानों में टीम के हाथ जो भी लगेगा, उसके आधार पर टीम रिपोर्ट तैयार करेगी. फिर इस रिपोर्ट को दिल्ली भेजा जाएगा. 27 फरवरी को एनजीटी कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होनी है, उसी दिन यह रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की जाएगी.   

    NGT ने भेजी थी विशेषज्ञों की टीम

    बता दें कि इससे पहले NGT ने विशेषज्ञों की टीम साहिबगंज भेजी थी. NGT के पास यह मामला 2017 में आया था. तब एक सामाजिक कार्यकर्ता अरशद नसर ने एक याचिका दाखिल कर स्टोन चिप्स के लिए पहाड़ों को तोड़ने से होने वाली समस्यों का जिक्र किया था, और जांच की मांग की थी. इसी के बाद NGT ने अपनी टीम भेजी थी. उस जांच में इस इलाके में प्रदूषण की स्थिति काफी भयावह बताई गई थी. आम तौर पर पीएम-10 का स्तर सामान्य रूप से 100 के आसपास रहना चाहिए था जो 217 पर पहुंच गया था.

    टीम ने अपने स्टडी के लिए पूरे जिले को 130 ग्रिड में बांटा था. एक ग्रिड में 4 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र शामिल था. इसमें ग्रिड एक, तीन, चार और सात की स्थित सबसे भयानक थी. टीम ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि यहां सामान्य से ज्यादा पत्थरों का दोहन किया जा रहा है. इस टीम में आइआइटी कानपुर के प्रोफेसर मुकेश शर्मा, आआइटी दिल्ली के प्रोफेसर सागनिक डे, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एडिशनल डायरेक्टर डा. नरेंद्र शर्मा, झारखंड स्टेट प्रदूषण बोर्ड के सदस्य सचिव व केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक शामिल थे. यह पहली बार था जब ऐसे विज्ञानी तरीके से सर्वे हुआ था. इस रिपोर्ट के बाद NGT कोर्ट ने झारखंड सरकार को जनवरी 2023 तक कार्रवाई करने का आदेश दिया था. इसी आदेश के तहत आज यह राज्य स्तरीय टीम साहिबगंज पहुंची है.

    1000 करोड़ का हुआ है अवैध खनन  

    बता दें कि जिले में सालों से खनन हो रहा है. लेकिन इसके साथ ही पत्थरों का अवैध खनन भी धड़ल्ले से जारी है. हाल ही में ईडी ने साहिबगंज जिले में 1000 करोड़ से ज्यादा के अवैध खनन का खुलासा किया है. इसमें ईडी ने सीएम हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा को मुख्य आरोपी बनाया है. इसके साथ ही ईडी साहिबगंज के डीसी से भी पूछताछ कर चुकी है और उसने अब साहिबगंज के एसपी को पूछताछ के लिए बुलाया है.


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