Speaker tribunal: बाबूलाल को फैसला आने तक मिली राहत, अब एक सितंबर को इन विधायकों के मामले में होगी सुनवाई

    Speaker tribunal: बाबूलाल को फैसला आने तक मिली राहत, अब एक सितंबर को इन विधायकों के मामले में होगी सुनवाई

    रांची (RANCHI): पूर्व सीएम और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी को कुछ दिनों की राहत मिल गई है. दरअसल दल-बदल मामले में स्पीकर न्यायाधिकरण में आज फैसला सुनाया नहीं, सुरक्षित जरूर रख लिया है. अब निर्णय कभी भी आ सकता है. लेकिन इसी दल-बदल मामले में बंधु तिर्की और प्रदीप यादव की सुनवाई पहली सितंबर को होगी. इसके अलावा कांग्रेस के तीन विधायक इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन विक्सल कोंगाड़ी पर भ्रष्टाचार के आरोप में विधायकी पर तलवार लटक गई है. इनकी भी सुनवाई एक सितंबर को होगी.

    मामला क्या है

    विधानसभा चुनाव के बाद बाबूलाल मरांडी ने अपनी पार्टी झाविमो का विलय भाजपा में कर दिया था. इसका विरोध करने पर विलय से पहले उन्होंने अपने दो विधायक प्रदीप यादव और बंधु तिर्की को पार्टी से निष्कासित कर दिया था. बाद में दोनों ने कांग्रेस की सदस्यता ली. बाबूलाल मरांडी को भाजपा विधायक के रूप में तो प्रदीप यादव और बंधु तिर्की को निर्दलीय विधायक के रूप में स्वीकृति मिली. लेकिन मामला बंधु और प्रदीप पर भी वही दल-बदल का है, जिसमें सुनवाई होनी है.

    बाबूलाल मामले में दोनों पक्षों की ओर से बहस मुकम्मल

    बाबूलाल पर दल-बदल मामला में दसवीं अनुसूची के तहत सुनवाई हुई है. बता दें दल-बदल की शिकायत स्पीकर से झामुमो विधायक भूषण तिर्की, कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह, विधायक प्रदीप यादव और माले से पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने की थी. स्पीकर रवींद्रनाथ महतो दस बिंदुओं पर चार्ज फ्रेम कर सुनवाई की है. दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी हो चुकी है. फैसला भी सुरक्षित रख लिया गया है.

    इधर, कैश कांड वाले तीनों कांग्रेस MLA पर भी सुनवाई

    इधर, कैश कांड में फंसे तीनों कांग्रेस MLA पर भी सुनवाई पहली सितंबर को होनी है. इनके खिलाफ भी शिकायत स्पीकर न्यायाधिकरण पहुंच चुकी है. साथ ही विधानसभा सदस्यता खत्म करने का आग्रह किया गया है. बता दें कि जामताड़ा विधायक इरफान अंसारी की कार से करीब 49 लाख रुपए बंगाल पुलिस ने जब्त किये थे. यह 30 जुलाई की घटना है. कार में उनके अलावा खिजरी विधायक राजेश कच्छप और कोलीबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी भी थे. तीनों कांग्रेसी विधायकों को बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. 31 जुलाई को उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया था, जहां से 10 दिनों के रिमांड पर भेज दिया गया था. इधर, कांग्रेस ने तीनों को निलंबित कर दिया. उधर, कोलकाता सीआईडी ने उनसे गहन पूछताछ की. रांची तथा जामताड़ा स्थित संबंधित विधायकों के ठिकानों पर छापेमारी की. बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. पिछले दिनों अदालत ने इस शर्त पर जमानत दी है कि ये तीन माह तक कोलकाता से बाहर नहीं जाएंगे.


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