हाथियों का झुंड फिर टुंडी में, कटहल और ताड़ की खुशबू से खींचे चले आ रहे हाथी


धनबाद(DHANBAD) बांस के झुरमुट हाथियों को बहुत पसंद है. अब तो कटहल और ताड़ पकने की खुशबू भी आने लगी है. यह खुशबू हाथियों को पहाड़ी से खींच कर आबादी वाले इलाके में ले आ रही है. नतीजा होता है कि हाथी तोड़फोड़ और क्षति पंहुचा रहे हैं . धनबाद के पश्चिमी टुंडी के मनियाडी इलाके में हाथियों का एक झुंड पहुंचा हुआ है. इस झुंड के साथ एक बच्चा हाथी भी है. इस वजह से बच्चा हाथी की सुरक्षा को लेकर हाथियों का झुंड काफी आक्रामक रहता है. गुरुवार की रात हाथियों के झुंड ने बांधडीह में घर को तोड़ दिया, रखे चावल को चट कर गए,
हाथियों का झुंड अभी भी पारसबनी जंगल के पास ठहरा हुआ है
हाथियों का झुंड अभी भी पारसबनी जंगल के पास ठहरा हुआ है. वन विभाग के मशालची हाथियों के झुंड पर नजर बनाए हुए है. बावजूद पूरे इलाके में भय का माहौल बना हुआ है. लोग डरे और सहमे हुए हैं कि हाथियों का झुंड कब किस को निशाना बना ले. धनबाद के टुंडी में हाथियों का आतंक कुछ अधिक होता है. पहाड़ी पर से जब नीचे उतरते हैं तो जनजीवन के साथ-साथ घर ,बाड़ी और फसलों को नुकसान पहुंचाते है. करीब दो माह तक 25 हाथियों का झुंड, टुंडी पहाड़ में शांतिपूर्ण रहने के बाद पिछले दो सप्ताह पूर्व हाथियों का झुंड पश्चिमी टुंडी के फतेहपुर में कई घरों को तोड़ने के बाद टुंडी क्षेत्र को छोड़कर पीरटांड़ के जंगल की ओर चले गए थे. गुरुवार की रात लगभग एक दर्जन हाथियों का झुंड पीरटांड़ के जंगल से फिर पश्चिमी टुंडी के जीतपुर नेमोरी होते हुए टुंडी आ पंहुचा.
गुरुवार की देर रात फिर मचाया उत्पात
आते ही गुरुवार की देर रात पश्चिमी क्षेत्र स्थित मनियाडीह पंचायत के बांधडीह निवासी रामानंद राय के पुत्र हरि राय के घर में तोड़फोड़ कर घर में रखे अनाज खा गए. बाद में गांव वाले एवं मशालचियों के दल ने हाथियों के दल को खदेडते हुए टुंडी पहाड़ में चढ़ा दिया. जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली. वैसे तो हाथी झारखंड के कई इलाकों में उत्पात मचा रहे है. अभी हाल ही में हजारीबाग से यह समाचार आया था कि एक मदमस्त हाथी बीच सड़क पर पहुंच गया और बालू लदे ट्रैक्टर को रोक दिया. घंटों वह बालू लदे ट्रैक्टर के पास जमा रहा. इस दौरान ट्रैफिक थम गई. ट्रैक्टर चालक और उप चालक भी जान बचाकर भागे. हाथी के हटने के बाद ही ट्रैफिक शुरू हो पाई.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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