झारखंड के सरकारी स्कूल की बदलेगी सूरत! एक्शन में सरकार तो डर में फाकीबाज शिक्षक
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रांची(RANCHI): झारखंड में सरकारी स्कूल की सूरत बदलने वाली है. सरकारी स्कूल को लेकर हेमंत सरकार सख्त हो गई है. अब सभी मंत्री स्कूल में बेहतर पठन पाठन को लेकर सक्रिय दिख रहे है. साथ ही दावा किया है कि स्कूल को निजी विद्यालय की तरह करने पर जोर दिया जा रहा है. इस व्यवस्था को बनाने में जो भी शिक्षक रोड़ा बनेगे उनपर भी कार्रवाई की जाएगी.
दरअसल झारखंड में सरकारी स्कूल में मां बाप अपने बच्चे को भेजने से ही डर जाते है. स्कूल की बड़ी बिल्डिंग तो होती है. लेकिन शिक्षक नहीं रहते. बच्चें को देखने वाला कोई नहीं रहता है. शिक्षक अपनी हाजरी बना का अपने निजी काम में व्यस्त दिखते है. साथ ही कई बार तो मिड डे मील पर भी डाका डाल देते हैं. लेकिन अब ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की सकती है. नए झारखंड के संकल्प के साथ हेमंत सोरेन सभी व्यवस्था को दुरुस्त करने में लगे है.
अगर देखे तो हाल ही में हेमंत के मंत्री चमरा लिंडा कई स्कूल में औचक निरीक्षण करने पहुँच गए. इस दौरान कई खामियाँ पाई है. जिसकी जानकारी सीएम से लेकर शिक्षा मंत्री को दी है. इसके बाद मंत्री ने दावा किया है कि झारखंड के स्कूल देश में सबसे बेहतर करने की दिशा में काम किया जा रहा है. किसी भी कीमत पर झारखंड के ग़रीब बच्चों के भविष्य को बर्बाद नहीं होने देंगे. यह सरकार झारखंडी की है और उसे उसका हक मिलेगा.
शिक्षा एक ऐसी जरूरत है,जिसके बिना आदमी की ज़िंदगी अधूरी रहती है. सभी को बेहतर शिक्षा मिले इसपर सरकार काम कर रही है. मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय खोले गए. यह स्कूल निजी विद्यालय को टक्कर दे रहे है. जिससे अब निजी विद्यालय से नाम हटा कर बच्चें सरकारी की ओर अपना रुख कर रहे है. ऐसी ही तस्वीर झारखंड के सभी विद्यालय में जल्द देखने को मिलेगी.
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