शहीद पिता के पार्थिव शरीर से लिपटकर फूट-फूटकर रोए बच्चे, दर्दनाक मंजर देख फफक पड़े IPS के साथ गांव के भी लोग

    शहीद पिता के पार्थिव शरीर से लिपटकर फूट-फूटकर रोए बच्चे, दर्दनाक मंजर देख फफक पड़े IPS के साथ गांव के भी लोग

    रांची(RANCHI): पलामू में नक्सल अभियान के दौरान शहीद हुए हैदरनगर के सुनील राम को अंतिम विदाई दी गई. इस बीच शहीद के दो मासूम बच्चें को देख कर हर किसी की आँखे नम हो गई. जब अंतिम संस्कार के समय पिता के पार्थिव शरीर को पकड़ कर बच्चें अपने दादा से पूछने लगे पापा क्यों नहीं उठ रहे है.और फिर रोने लगे तो वहां खड़े आईपीएस अधिकारी के साथ पुलिस कर्मी और गांव के लोगों की आँखे डबडबा गई. हर कोई उस बच्चे को हिम्मत दे रहा था की आपके पापा दुश्मनों से लड़ते हुए शहीद हुए है.लेकिन खिलौने से खेलने वाले उम्र में पिता का साया इन बच्चों के सर से उठ गया.जिसकी कमी कभी पूरी नहीं होगी.

    बता दे कि परता गांव के शहीद सुनील राम की पत्नी शोभा देवी व दो मासूम बच्चे को देख कर हर किसी की आँखे नम हो गई.  7 वर्षीय युवराज व 5 वर्षीय आयुष को देख हर कोई लड़खड़ा गया.अंतिम संस्कार के समय सोन नदी में  मासूम अपने पिता की अर्थी को पकड़ कर सिसक रहे थे. वहीं सुनील के पिता मलुकन राम मुखाग्नि देने की तैयारी में जुटे थे. सुनिल की विधवा शोभा देवी रोते रोते अचेत हो रही थी, माता और अन्य महिलाओं का रो रो कर बुरा हाल है.सब एक ही सवाल पूछ रहे थे कहाँ चले गए,इतनी जल्दी.   

    सुनील राम अपनी पत्नी व बच्चों के साथ डाल्टनगंज में रहते थे. उनके पिता हरियाणा में मेहनत मजदूरी करते थे. सुनील राम के माता पिता के अलावा एक भाई है. घटना के दिन सुनील राम का परता  स्थित घर पर कोई नहीं थे. घर में ताला बंद था. पत्नी और बच्चे डाल्टनगंज में ही थे. सभी गुरुवार को शव के साथ परता पहुंचे. जबकि उनके माता पिता शुक्रवार की सुबह 5 बजे हरियाणा से हैदारनगर पहुंचे.   

    जिसके बाद उन्हें अंतिम सलामी दी गई.हर कोई अपने लाल को खोने से सदमे में था.उनके साथ बिठाये पुराने पल को याद कर रो रहा था.लेकिन चेहरे में गर्व भी था की उनके साथी दुश्मनो से लड़ते हुए गए है.अंतिम साँस तक दुश्मनों को जवाब दिया. उसके बाद खुद माँ भारती के गोद में हमेशा के लिए सो गए.सुनील के अंतिम विदाई में हजारों लोगों का हुजूम शामिल हुआ.हर तरफ सुनील राम अमर रहे के नारे लगा रहे थे.पूरा इलाका सुनील के नाम से गूंज रहा था.

    बता दे कि गुरुवार को मनातू थाना क्षेत्र के केदल जंगल में TSPC उग्रवादियों के साथ मुठभेड़ में पलामू पुलिस के दो जवान शहीद हो गए.जिसमें संतन मेहता हैदरनगर के बरेवा गांव के रहने वाले और सुनील राम परता के थे.इस बीच दोनों का पार्थिव शरीर गुरुवार को हैदरनगर पहुंचा. पुरे इलाके में गम का माहौल बन गया.गुरुवार को बरेवा में ही संतन का अंतिम संस्कार किया गया.इसके बाद शुक्रवार को सुनील राम पंचतत्व में विलीन हुए.

    इस दौरान अंतिम संस्कार में ASP राकेश सिंह,DSP एस मोहम्मद याकूब,हैदरनगर थाना प्रभारी अफजल अंसारी,सोनू कुमार समेत कई थाना के प्रभारी और पुलिस प्रशासनिक अधिकारी के साथ हजारों लोग शामिल हुए.


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