हाथियों का आतंक : हज़ारीबाग में सामूहिक हत्या के बाद सवाल-मुख्यमंत्री जी हाथियों को क्यों नहीं मिल रहा "डेरा "!


धनबाद(DHANBAD): भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार झारखंड में 10 साल पहले लगभग 10 करोड़ रुपए की लागत से एलिफेंट कॉरिडोर बनाने का प्राक्कलन तैयार हुआ था. सरकार के स्तर पर इस पर अभी तक फैसला नहीं हुआ है. यह योजना न मंजूर हुई और न ही ख़ारिज की गई. इधर , हाथी लगातार उत्पात मचा रहे हैं. हेमंत सरकार से पूछ रहे हैं कि आखिर सुरक्षित कॉरिडोर का मामला क्यों लटका कर रखा गया है? क्यों हमें जहां-तहां विचरण करने के लिए छोड़ दिया गया है?. यह सवाल अब झारखंड में बहुत बड़ा हो गया है. क्योंकि हाथियों का झुंड अब सामूहिक हत्याएं करने लगा है.
हाथियों का आतंक अब बहुत बड़ा सवाल बन गया है
फिर भी सरकार की नींद नहीं खुल रही है. विधायक, सांसद भी "गादह" नहीं मचा रहे हैं. इधर, ग्रामीणों की लगातार जानें जा रही हैं. कोल्हान हो, संथाल हो अथवा कोयलांचल या फिर उत्तरी छोटानागपुर , सब जगह हाथियों का उत्पात निर्वाध जारी है. हजारीबाग में तो घर में घुसकर हाथियों ने आधा दर्जन लोगों की जान ले ली है. क्या यह घटना भी सरकार को विचलित नहीं कर रही है? चाईबासा के इलाके में हाथियों का झुंड विचारण करता है. ट्रेनें रोक दी जाती है. फिर भी हाथियों से बचाव के उपाय नहीं किए जाते। हजारीबाग के बारे में बताया जाता है कि घर में सोए परिवार को हाथियों ने निशाना बनाया है. घर तोड़कर प्रवेश कर गए और लोगों की जान ले ली.
हाथियों का आतंक ग्रामीण से लेकर शहरी इलाकों तक
आश्चर्यजनक बात है कि हाथियों का आतंक ग्रामीण से लेकर शहरी इलाकों तक फैला हुआ है. झारखंड में हाथियों का उत्पात निर्वाध जारी है तो संकरे जगहों में फंसकर हाथियों की जान भी जा रही है. हाथी पूछ रहे हैं कि कहां है- उनका सुरक्षित कॉरिडोर. ग्रामीणों का आरोप है कि रात में जंगली हाथियों के धावा बोलने पर वन विभाग के अधिकारी फोन नहीं उठाते. खुद आग जलाकर रात भर जागते हैं और अपनी सुरक्षा करते है. हाथियों के कॉरिडोर के लिए सरकार ने बहुत पहले योजना बनाई थी. लेकिन यह योजना फाइलों में कैद होकर रह गई है और इधर लोग हाथियों के डर से परेशान है. बता दे कि हाथियों से सुरक्षा के लिए पाकुड़ से लेकर चाईबासा तक अलग-अलग एलिफेंट कॉरिडोर का निर्माण करने का प्रस्ताव है. इसमें टुंडी, पूर्वी टुंडी, तोपचांची व राजगंज से होकर कॉरिडोर बनाना है, लेकिन यह सिर्फ सुनाई पड़ता है, जमीन पर दिखता नहीं है.
गुरुवार देर रात हजारीबाग में हाथियों ने छह की ले ली है जान
इधर ,गुरुवार देर रात हजारीबाग जिले में एक भयावह घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया. हाथियों के एक झुंड ने गांव में घुसकर छह लोगों को कुचल दिया, जिनमें एक साल का मासूम बच्चा भी शामिल है. यह दर्दनाक हादसा अंगो थाना क्षेत्र के अंतर्गत चुरचू प्रखंड के गोंदवार गांव में रात करीब 1 से 1:30 बजे के बीच हुआ.जानकारी के मुताबिक, पांच जंगली हाथी अचानक गांव में पहुंच गए. उस समय सभी लोग अपने घरों में गहरी नींद में थे. हाथियों ने एक घर का दरवाजा तोड़ दिया और भीतर सो रहे परिवार के सदस्यों को कुचल दिया. इस हमले में सुमन कुमारी (26), धनेश्वर राम (52), सूरज राम (50), सविता देवी (25), अनुराग राम (1) और संजना कुमारी (3) की मौके पर ही मौत हो गई.घटना के बाद गांव में शोक और गुस्से का माहौल है. स्थानीय लोगों का कहना है कि हाथियों का यह झुंड पिछले एक महीने से आसपास के इलाकों में घूम रहा था. वन विभाग द्वारा अलर्ट जारी किए गए थे, लेकिन इस बड़ी घटना को रोका नहीं जा सका.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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