खतरे में लौहनगरी की प्यास बुझानेवाली स्वर्णरेखा और खरकई नदी, चारों तरफ लगा जलकुंफी का अंबार


जमशेदपुर(JAMSHEDPUR): जमशेदपुर की लाइफ लाइन कही जाने वाली स्वर्णरेखा और खरकई नदी खतरे में है, क्योंकि दोनों नदियां नाले में तब्दील हो चुकी है, बचे हुए नदी के पानी पर जलकुंभी का अंबार लगा हुआ है, नदी के चारों तरफ जलकुंभी का अंबार लगने से नदी का पानी दूषित हो रहा और ऑक्सीजन कम होने से नदी में मछलियों की संभावना बनी हुई है.
दोनों नदी के पानी पर ही पूरे शहर और 50 से अधिक गांव निर्भर है
आपको बता दें कि दोनों नदी के पानी पर पूरे शहर और 50 से अधिक गांव निर्भर है, एक तरफ गर्मी आते ही बोरिंग, चापाकल और तालाब सूख जाता है, हजारों लोगों के बीच पानी के लिए हाहाकार मच जाता है, तब इन्ही नदियों से लोगों की प्यास बुझती है.आज शहर के लोगों की प्यास बुझानेवाली नदियां खतरे में है. शहर में कई बड़ी कंपनियां और नगर निगम काम करते हैं लेकिन किसी का ध्यान नदी की ओर नहीं है.
लोगों ने नदी की साफ सफाई को लेकर सरकार से गुहार लगाई है
वहीं नदियों की दयनीय स्थिति को देखते हुए शहर के आम लोगों ने भी राज्य सरकार,नगर निगम और कंपनियों से गुहार लगाई है कि नदी को बचाने की पहल की जाए, लेकिन देखना है कि इन नदियों की साफ सफाई कब तक हो पाती है.
रिपोर्ट-रंजीत ओझा
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