स्मृति शेष : बिहार के अररिया में जन्मे सहारा श्री सुब्रत राय अपने बेटों की शादी में खर्च किये थे 550 करोड़


धनबाद(DHANBAD): सहारा इंडिया समूह के प्रमुख सुब्रत राय का मंगलवार को मुंबई में निधन हो गया. वह लंबे समय से सांस की बीमारी से पीड़ित थे. सुब्रत राय धीरे-धीरे एक समय की बड़ी हस्ती बन गए थे. बिहार के अररिया में 1948 में जन्मे सुब्रत राय मैकेनिकल इंजीनियर की पढ़ाई की थी. सुब्रत राय की संघर्ष की कहानी भी अनोखी थी. 1978 में गोरखपुर में सहारा इंडिया परिवार की स्थापना कर अपना कारोबार शुरू किया. शुरू में उन्होंने लोगों से ₹20 का अंशदान लिया, लेकिन आगे चलकर सहारा इंडिया देश की एक बहु व्यापारिक कंपनी बन गई.
एक समय सुब्रत राय स्कूटर पर चलते थे
एक समय सुब्रत राय स्कूटर पर बिस्कुट और नमकीन बेचा करते थे. लेकिन उनकी आर्थिक ताकत धीरे-धीरे ऐसी बड़ी कि जिस समय भारतीय खेल संस्थाएं पैसे को मोहताज थी ,उस समय सुब्रत राय के सहारा इंडिया परिवार ने इस क्षेत्र में पैसा लगाया. खिलाड़ियों की आर्थिक मदद की. लंबे अरसे तक क्रिकेट की टीम इंडिया की जर्सी पर सहारा का ठप्पा लगा रहा. बात सिर्फ इतनी ही नहीं है, 2004 की बात अगर की जाए तो दो दिनों के लिए बॉलीवुड में कामकाज बंद हो गया था. सुब्रत राय अपने दोनों बेटों की शादी कर रहे थे. बड़े बेटे की शादी 10 फरवरी को थी जबकि छोटे की शादी 14 फरवरी को निर्धारित थी. बड़े बेटे की शादी में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई भी वर- वधू को आशीर्वाद देने पहुंचे थे. प्रधानमंत्री के अलावे हफ्ते भर चलने वाले शादी समारोह में किसी भी क्षेत्र की कोई भी बड़ी हस्ती नहीं बची थी, जो आशीर्वाद देने नहीं पहुंची थी. कलाकारों और खिलाड़ियों की लंबी फौज लखनऊ शहर में आई थी. रोज कोलकाता, मुंबई और दिल्ली से चार्टर्ड प्लेन उड़ान भर रहे थे और आगंतुकों को लखनऊ पहुंचा रहे थे.
बॉलीवुड में 10 और 14 फरवरी को फिल्मों की शूटिंग रोक दी गई थी
बॉलीवुड में 10 और 14 फरवरी को फिल्मों की शूटिंग रोक दी गई थी. वजह थी कि सभी बड़े फिल्म अभिनेता और अभिनेत्री समेत गायक और वाद्य यंत्रों के संचालक और फिल्मों की शूटिंग करने वाले कैमरामैन और निर्देशक उस दिन लखनऊ में मौजूद थे. शादी की व्यवस्था के सफल संचालन और निगरानी के लिए सहारा परिवार ने अपने 4000 कर्मचारियों सहित कुल 7000 लोगों को लगाया था. एक रिपोर्ट के अनुसार उस शादी में 550 करोड रुपए खर्च किए गए थे. लेकिन धीरे-धीरे सहारा समूह की आर्थिक स्थिति बिगड़ने लगी. आज तो शहर में इन्वेस्ट किये लोगो के पैसे फंसे हुए है. लोग धरना -प्रदर्शन कर रहे है. सरकार ने भी हस्तक्षेप किया है और इन्वेस्टरों को कैसे उनकी राशि वापस कराई जाए, इसकी व्यवस्था कराई है. इस बीच सुब्रत राय का निधन सहारा समूह के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
4+