कोयला खदानों की नीलामी का सातवां दौर, जानिए झारखंड को क्या होगा इससे लाभ

    कोयला खदानों की नीलामी का सातवां दौर, जानिए झारखंड को क्या होगा इससे लाभ

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK): कोयला खदानों की नीलामी का एक और दौर बुधवार को भी होने जा रहा है.यह सातवां दौर कहा जा रहा है. इस नीलामी के तहत देश की 106 खदानों की नीलामी होगी यानी बोली लगाई जाएगी. कोयला मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार कोयले की कमर्शियल सेलिंग यानी वाणिज्यिक बिक्री के लिए यह नीलामी होगी. इन 106 खदानों ऐसे 61 आंशिक रूप से अभी खोली गई हैं. 45 पूरी तरह से ओपन है. यह भी बताया गया है कि इनमें से 95 नॉन कोकिंग कोल, एक कोकिंग कोल और 10 लिग्नाइट खदानें शामिल हैं.

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में होगी नीलामी 

    हम आपको बता दें कि इससे पहले यानी छठे दौर में 28 कोयला खदानों की नीलामी संपन्न हुई थी. इसके तहत 74 मिलियन टन शीर्ष रेटेड क्षमता वाले कोयला है. मार्च के पहले पखवाड़े में हुई नीलामी के तहत लगभग 14,497 करोड़ रुपए का वार्षिक राजस्व होने की उम्मीद जताई गई है. ताजा नीलामी जिन 106 खदानों की होने वाली है. उनसे बड़ी मात्रा में राजस्व की प्राप्ति होने की उम्मीद जताई गई है. कोयला मंत्रालय के अनुसार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में यह नीलामी होगी. इस बार की नीलामी में झारखंड की भी कुछ खदानें शामिल हैं. अगर उनकी बोली ठीक ठाक लगी तो झारखंड सरकार को भी और रॉयल्टी के तौर पर अच्छी राशि भविष्य में मिल पाएगी. मालूम हो कि कोयला भंडारण के हिसाब से भारत विश्व का चौथा बड़ा देश है. बावजूद इसके भारत को विभिन्न कारणों की वजह से अपनी जरूरत का 20% कोयला आयात करना पड़ता है.


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