इन्वेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल सम्मिट के लिए संथाल परगना चैंबर ऑफ कॉमर्स को मिला आमंत्रण

    इन्वेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल सम्मिट के लिए संथाल परगना चैंबर ऑफ कॉमर्स को मिला आमंत्रण

    देवघर (DEOGHAR) : भोपाल में 24-25 फरवरी 2025 को आयोजित होने वाले इन्वेस्ट मध्य प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में शामिल होने के लिए मध्य प्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के जीएम नवेन्दु शुक्ला देवघर पहुंचे. संथाल परगना चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, देवघर के पदाधिकारियों और उद्यमियों को समिट में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया. मालूम हो कि प्रधानमंत्री 24 फरवरी को भोपाल में इस इन्वेस्टर समिट का उद्घाटन करेंगे. एमपीआईडीसी के जीएम नवेन्दु कुमार शुक्ला ने देवघर आकर शनिवार की देर शाम होटल मरीन ब्लू में संथाल परगना चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों के साथ बैठक की. इससे पहले उन्होंने चैंबर अध्यक्ष आलोक मल्लिक से फोन पर बात कर बैठक का अनुरोध किया था. देवघर आने से पहले 14 फरवरी को उन्होंने रांची में फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर के पदाधिकारियों से मुलाकात की थी और रांची समेत झारखंड के उद्यमियों को समिट के लिए आमंत्रित किया था.

    जीएम नवेंदु शुक्ला ने इन्वेस्टर सम्मिट के लिए देवघर और संताल परगना के उद्यमियों को आमंत्रण देते हुए मध्य प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए उद्यमियों और इन्वेस्टर्स को दिए जा रहे आकर्षक इनसेंटिव्स के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल प्रोमोशन पॉलिसी 2025 पर विस्तार से चर्चा किया. बताया गया कि मध्यप्रदेश में उद्यमियों को विकसित और अविकसित दो श्रेणियों में उद्योग के लिए काफी कम दरों में प्लॉट आवंटित किया जाता है. उन्होंने बताया कि एमपी में उद्यमियों को ऑन डिमांड प्लॉट आवंटित किए जाते हैं. यहां डेढ़-दो लाख रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से भी औद्योगिक क्षेत्र में जमीन उपलब्ध है. स्थान के अनुसार औसतन 15-20 लाख प्रति हेक्टेयर की दर से प्लॉट आवंटित कर एक सप्ताह के अंदर ही रजिस्ट्रेशन दे दिया जाता है. सिंगल विंडो सिस्टम द्वारा औद्योगिक विकास निगम ही उद्योग के लिए आवश्यक नक्शा, प्रदूषण, फैक्ट्री, बिजली आदि सभी 20-21 लाइसेंस और अनुमति एक साथ ही दे दी जाती है.

    प्लॉट का नामांतरण, पार्टनर जोड़ना, पार्टनर के बीच बंटवारा आदि भी मात्र 25000 रुपए फीस देकर आसानी से किया जा सकता है. उद्यमी अपनी सुविधानुसार प्लॉट पर कोई भी उद्योग लगा सकते हैं और कभी भी अपनी सुविधानुसार दूसरा उद्योग बदल सकते हैं. मध्यप्रदेश सरकार अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर इनसेंटिव्स देती है. उन्होंने चैंबर और यहां के उद्यमियों को देवघर और झारखंड के निकटतम मध्यप्रदेश के रीवा संभाग में चेंबर डेलीगेट्स को फिजिकली विजिट करने हेतु भी आमंत्रित किया ताकि वहां उद्यमियों को मिल रही सुविधाएं और न्यूनतम दरों पर प्लॉट आवंटन के बारे में आपसब स्वयं देख-समझ सकें. चैंबर के अधिकारी मध्यप्रदेश सरकार की औद्योगिक प्रोमोशन पॉलिसी 2025 और सिंगल विंडो की प्रभावी नीति पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए जीएम को कहा कि मार्च में वे एक डेलीगेट्स के साथ रीवा पहुंचने की कोशिश करेंगे. इस डेलीगेट्स में चैंबर पदाधिकारियों के अलावा कई प्रतिष्ठित उद्यमी भी साथ रहेंगे.

    बैठक में चेंबर के अध्यक्ष आलोक मल्लिक, महासचिव रितेश टिबरेवाल, पूर्व अध्यक्ष गोपाल कृष्ण शर्मा, उपाध्यक्ष पीयूष जायसवाल एवं निरंजन कुमार सिंह तथा अरुण साह उपस्थित थे.

    रिपोर्ट-ऋतुराज


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