झारखंड  में फर्जी प्रमाण पत्रों पर डॉक्टर बनने की कोशिश करने वाले अब क्यों जाएंगे जेल,पढ़िए

    झारखंड  में फर्जी प्रमाण पत्रों पर डॉक्टर बनने की कोशिश करने वाले अब क्यों जाएंगे जेल,पढ़िए

    धनबाद(DHANBAD): झारखंड के मेडिकल कॉलेजो  में एमबीबीएस तथा पीजी मेडिकल में फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नामांकन लेने वाले अब जेल जाएंगे.  इन मामलों की जांच सीआईडी करेगी.  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने फर्जी जाति, स्थाई निवासी तथा ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र के आधार पर नामांकन के मामले में अंतर विभागीय समिति गठित कर इसकी जांच करने का आदेश दिया है.  समिति की रिपोर्ट के आधार पर सीआईडी काम करेगी.  एमबीबीएस में नामांकन के लिए अब तक हुई काउंसलिंग में कुछ छात्र-छात्राओं  द्वारा फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नामांकन की शिकायत लगातार मिल रही थी.  

    धनबाद में सबसे पहले पकड़ाया मामला, फिर क्या -क्या हुआ 

    धनबाद में मामला पकड़ आने के बाद यह  मामला पूरी तरह से चर्चा में आ गया है. झारखण्ड के कई मेडिकल कॉलेज के  10 छात्र संदेह के घेरे में है. बता दे कि धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नामांकन लेने के मामले का खुलासा होने के बाद झारखंड सरकार ने जांच का बड़ा निर्णय लिया है.  इस मामले को लेकर राज्य सरकार से लेकर झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा परिषद सक्रिय हो गए है.  

    झारखंड के कई मेडिकल कॉलेज के दस छात्र -छात्राएं संदेह के घेरे में 
     
    भरोसेमंद  सूत्रों के अनुसार राज्य कोटे से तीसरे राउंड में आरक्षण कोटे से नामांकन लेने वाले चार मेडिकल कॉलेज के 10 छात्रों को संदेह के आधार पर चिन्हित किया गया है. जिनके जाति और आवासीय प्रमाण पत्र पर संदेह है.  संदेह में  लिए गए छात्रों में हजारीबाग मेडिकल कॉलेज के छात्रों की संख्या अधिक है.  रांची रिम्स और धनबाद मेडिकल कॉलेज के एक-एक छात्र है.  बता दें कि धनबाद मेडिकल कॉलेज की छात्रा के जाति प्रमाण पत्र जांच में गलत पाया गया है.  दुमका मेडिकल कॉलेज में नामांकन लेने वाले दो छात्र संदेह के घेरे में है.  

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने क्या दिया आदेश ,पढ़िए डिटेल्स में 

    इस बीच  मुख्यमंत्री  हेमन्त सोरेन ने राज्य के सरकारी/निजी चिकित्सा महाविद्यालयों में UG तथा PG के चिकित्सा पाठ्यक्रमों में गलत जाति/स्थाई निवासी एवं EWS प्रमाण पत्रों के आधार पर प्रवेश लेने के संबंध में अंतर विभागीय समिति गठित कर इसकी जांच करने का निर्देश दिया है. जांच प्रतिवेदन के आलोक में सीआईडी द्वारा एफआईआर दर्ज कर अग्रेतर कार्रवाई करने का  भी आदेश दिया है.  साथ ही  मुख्यमंत्री  ने Stray Round काउंसलिंग की तिथि बढ़ाने के लिए  भारत सरकार को पत्र भेजने का निर्देश दिया है ताकि जांच के उपरांत Stray Round की काउंसलिंग की जा सके.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो


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