पढ़िए! बिहार के नालंदा का यह परिवार कैसे हो गया झारखंड का ताउम्र आभारी


धनबाद(DHANBAD): बिहार के नालंदा का रहने वाला यह परिवार तो झारखंड का हमेशा -हमेशा के लिए आभारी हो गया. हो भी क्यों नहीं, झारखंड की धरती पर उस परिवार के लिए भगवान "स हेली टीम" के रूप में जो अवतरित हुए थे. बोकारो आरपीएफ की सहेली टीम ने जो मानवता दिखाई ,उसे कम से कम बिहार के नालंदा का रहने वाला वीरेंद्र कुमार का परिवार तो कभी भूल भी नहीं सकता है. दरअसल, सोमवार की रात रांची -पटना एक्सप्रेस में वीरेंद्र कुमार पत्नी के साथ यात्रा कर रहे थे. उनकी पत्नी प्रसव पीड़ा से छटपटा रही थी.
जच्चा और बच्चा दोनों है स्वस्थ
इसकी सूचना जब आरपीएफ बोकारो की सहेली टीम को मिली, तो बिना किसी हिचकिचाहट, बगैर किसी विलंब के महिला को ट्रेन से उतार कर पोस्ट ले जाया गया. डॉक्टर की मदद से सुरक्षित प्रसव कराने में टीम ने अपनी महती भूमिका निभाई. महिला ने पोस्ट में नवजात शिशु को जन्म दिया. जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ है. जानकारी के अनुसार दंपति जनरल कोच में रांची से पटना की यात्रा कर रहा था. फोन पर बताया गया कि उनकी पत्नी पूजा कुमारी गंभीर प्रसव पीड़ा से पीड़ित है. सूचना मिलते ही तुरंत मीना कुमारी ने मेरी सहेली स्टाफ के साथ मिलकर मदद की. जवानों ने महिला को सहायता केंद्र ले जाने में मदद की. वहां मौजूद रेलवे डॉक्टर ने महिला का प्रसव कराया. शीत ताप नियंत्रित कोच में यात्रा करने वाले सुविधा भोगी लोगों के साथ सहायता की बात तो अक्सर सामने आती है, लेकिन साधारण कोच में यात्रा कर रहे परिवार को इस तरह की मदद की बातें बहुत कम ही सामने आती है.
आरपीएफ बोकारो की सहेली टीम की हो रही सराहना
आरपीएफ बोकारो की सहेली टीम के प्रयास की सभी मुक्त कंठ से सराहना कर रहे है. वैसे माना जाता है कि पुलिस का चेहरा क्रूर होता है लेकिन पुलिस टीम भी मानवता की मिसाल पेश करती है. सही सूचना पर एक्ट करती है और लोगों को मदद करती है. नालंदा का रहने वाला वीरेंद्र कुमार सुरक्षित प्रसव के बाद तो सहेली टीम को धन्यवाद देने से नहीं अघा रहे थे. उन्हें लग रहा था कि सहेली टीम के रूप में भगवान स्वयं पहुंचकर उनकी मदद की है. ऐसे प्रयासों की सराहना होनी चाहिए, उन्हें समर्थन मिलना चाहिए, जिससे कि लोगों में सहायता करने की भावना जागृत हो.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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