इंटक में कैसे हुआ "यूथ विंग" का प्रवेश ,जानिए किनके  पुत्रों की हुई लॉन्चिंग 

    इंटक में  कैसे हुआ "यूथ विंग" का प्रवेश ,जानिए किनके  पुत्रों की हुई लॉन्चिंग 

    धनबाद(DHANBAD) | इंटक में "यूथ विंग" का प्रवेश हो गया है.  "यूथ विंग" को महती  जिम्मेवारी भी दे दी गई है.  एक नेता अपने बुढ़ापे को देखते हुए अपने पुत्र को जिम्मेवारी देकर आगे बढ़ाने की कोशिश की है जबकि एक ने अपने पिता के निधन के बाद संघर्ष से पद पाया है.  हालांकि, इसमें भी एक संदेश है कि अपने मित्र का निधन होने के बाद भी उन्होंने मित्रता को भुलाया  नहीं है.  जी हां, हम बात कर रहे हैं इंटक  के अध्यक्ष जी संजीवा रेड्डी और पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री रहे राजेंद्र प्रसाद सिंह की.  दोनों इंटक  के साथ-साथ कांग्रेस के भी कद्दावर नेता रहे.  जी संजीवा रेड्डी अभी इंटक के अध्यक्ष हैं लेकिन उनकी आयु 90 साल से अधिक हो गई है.  

    विधायक अनूप सिंह को भी मिली बड़ी जिम्मेवारी 

    उम्र दराज रेड्डी ने अपने पुत्र सत्यजीत रेड्डी के साथ-साथ स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद  सिंह के पुत्र व बेरमो के विधायक अनूप सिंह को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया है.  रेड्डी  और राजेंद्र पुत्रों को इंटक में बड़ी जिम्मेवारी की कोयलांचल में खूब चर्चा हो रही है.  पक्ष और विपक्ष की बातें हो रही है.  सवाल यह भी किए जा रहे हैं कि क्या दोनों के पिता जिस तरह इंटक  को आगे बढ़ाया, क्या उनके पुत्र भी वैसा कर पाएंगे या उसे बेहतर करेंगे.  इंटक में अभी विवाद भी चल रहा है.   इसी साल इंटक का  दिल्ली में राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ था.  तब अनूप सिंह को सचिव बनाया गया था.  अनूप सिंह को सचिव बनाने पर राजेंद्र सिंह के समर्थकों ने भी खुलकर तो नहीं, लेकिन भीतर ही भीतर असंतोष व्यक्त किया था.  अनूप  सिंह के समर्थक कहते हैं कि इसे पूर्व और वर्तमान  दोनों नेताओं के पुत्रों की इंटक में लॉन्चिंग नहीं कहा जा सकता.  दोनों पहले से ही इंटक में सक्रिय है. 
     
    सत्यजीत रेड्डी यूथ इंटक में सक्रिय थे 
     
    सत्यजीत रेड्डी अपने पिता जी संजीवा रेड्डी के मार्गदर्शन में यूथ इंटक में सक्रिय रहे तो अनूप  सिंह अपने पिता स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद सिंह के साथ कोयलांचल में मजदूर राजनीति का ककहरा पढ़ा  और सीखा.  अधिक उम्र के कारण संजीव रेड्डी रिटायर  होने की स्थिति में है.  समय रहते अपने पुत्र को  इंटक की  राष्ट्रीय कमेटी में शामिल कर एक तरह से आगे की रणनीति बता दिया है.  दूसरी तरफ संजीवा रेड्डी ने स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद सिंह के पुत्र को भी उपाध्यक्ष बनाकर फिलहाल यह संकेत दे दिया है कि उन्होंने अपने मित्र और इंटक  के नेता रहे  राजेंद्र प्रसाद सिंह के पुत्र का भी ख्याल रखा है.  अनूप सिंह अपने पिता के निधन के बाद बेरमो से कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए है.  हाल के दिनों में अनूप सिंह झारखंड के कई मामलों को लेकर भी चर्चा में थे.  कोलकाता में नकदी के साथ पकड़ाए  विधायकों के मामले में भी उनकी खूब चर्चा रही.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो   

     

     


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