Railway News: रेलवे कर्मचारियों को सुविधा के साथ शिकंजा कसने की क्या है तैयारी, पढ़िए डिटेल्स में !

    Railway News: रेलवे कर्मचारियों को सुविधा के साथ शिकंजा कसने की क्या है तैयारी, पढ़िए डिटेल्स में !

    धनबाद (DHANBAD) : रेलवे ने कर्मचारियों  की सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ उन पर शिकंजा कसने की भी तैयारी शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार हादसे में मौत होने पर अब रेलवे कर्मचारियों को एक करोड रुपए का मुआवजा (बीमा राशि) मिलेगा. अगर हवाई दुर्घटना हुई तो यह राशि बढ़कर एक करोड़ 60 लाख रुपए हो जाएगी. इस नई पहल का लाभ लगभग 12.5 0 लाख कर्मियों को मिलेगा. इधर, रेलवे ने टिकट जांच कर्मचारियों के लिए नई बायोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली शुरू की है. बताया गया है कि 29 अगस्त  को पूर्व मध्य रेलवे के पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर पहले डिजिटल टीटीई लॉबी चालू हो गई है. बता दें कि भारतीय रेलवे ने अपने टिकट जांच कर्मचारियों के लिए एक नई बायोमेट्रिक साइन-ऑन और साइन-ऑफ प्रणाली शुरू की है.  जो रेलवे संचालन के आ धुनिकीकरण और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. 

    29.08.25 को पहली डिजिटल टीटीई लॉबी चालू हो गई है

     29.08.25 को पूर्व मध्य रेलवे के पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन पर पहली डिजिटल टीटीई लॉबी चालू हो गई है. इस अभिनव प्रणाली को उत्तर रेलवे के बनारस मंडल, पूर्व मध्य रेलवे के सोनपुर मंडल, पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल, मध्य रेलवे के सीएसएमटी, पुणे और सोलापुर स्थित टीटीई लॉबी, पूर्व रेलवे के मालदा मंडल, दक्षिण पश्चिम रेलवे के मैसूर मंडल, पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल, दक्षिण रेलवे के मदुरै, पालघाट, त्रिची और पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा लॉबी में सफलतापूर्वक लागू किया गया है.  उत्तर मध्य रेलवे, पूर्वोत्तर रेलवे और उत्तर पश्चिम रेलवे ज़ोन ने भी विभिन्न मंडलों में चरणबद्ध तरीके से नई प्रणाली लागू की है.  उत्तर रेलवे का जम्मू मंडल जल्द ही इस प्रणाली को लागू करने वाला है. 

    नई प्रणाली बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को टिकट परीक्षक (टीटीई) लॉबी प्रणाली के साथ एकीकृत करती है, जिससे कर्मचारी आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपकरण का उपयोग करके स्वयं को प्रमाणित कर सकते है.  यह एक छेड़छाड़-रहित, पारदर्शी और गोपनीयता-अनुपालन उपस्थिति प्रक्रिया सुनिश्चित करती है, जो वास्तविक समय में कार्य घंटों और ड्यूटी स्थिति को सटीक रूप से रिकॉर्ड करेगी. 

    बायोमेट्रिक प्रणाली के मुख्य उद्देश्य

    प्रामाणिक उपस्थिति: यह सुनिश्चित करती है कि उपस्थिति रिकॉर्ड सटीक और सत्यापन योग्य हो. 
    रीयल-टाइम ट्रैकिंग: कर्मचारियों की उपलब्धता और ड्यूटी स्थिति पर रीयल-टाइम डेटा प्रदान करती है, जिससे अधिक कुशल प्रबंधन संभव हो सकता है. 
    उन्नत निगरानी: कार्य घंटों और लॉबी संचालन की प्रभावी निगरानी प्रदान करती है. 
    निर्बाध एकीकरण: सुव्यवस्थित कर्मचारी तैनाती के लिए हैंड हेल्ड टर्मिनलों (एचएचटी) और ड्यूटी रोस्टर के साथ एकीकृत करती है. 

    कार्यकुशलता और पारदर्शिता में सुधार होगा 

    इस प्रणाली का कार्यान्वयन भारतीय रेलवे की कार्यकुशलता और पारदर्शिता में सुधार के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है.  बायोमेट्रिक साइन-ऑन/ऑफ प्रणाली न केवल कर्मचारियों की तैनाती को सुव्यवस्थित करेगी, बल्कि टिकट जाँच कर्मचारियों की समग्र कार्यकुशलता, पारदर्शिता और जवाबदेही में भी उल्लेखनीय वृद्धि करेगी, जिससे अंततः सभी यात्रियों के लिए अनुभव बेहतर होगा. 

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news