रेलमंत्री जी कभी तो आइये धनबाद, देश जाने की देखिये जद्दोजहद, ट्रेनें जा रही ठसाठस


धनबाद(DHANBAD): कल यानि शुक्रवार को महापर्व का खरना है. कल से ही त्योहार शुरू हो जाएगा. लोगों को किसी तरह अपने देस पहुंचने की जल्दबाजी है. ट्रेनों में स्थिति बहुत ही खराब है. किसी ट्रेन में कोई जगह नहीं है. धनबाद से बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनों की हालत तो और भी खराब है. यात्रियों की भीड़ देखकर आरपीएफ और जीआरपी वाले भी लाचार और विवश दिख रहे है. आज और कल और भीड़ की संभावना है. बुधवार की रात जब मौर्य एक्सप्रेस धनबाद स्टेशन पर पहुंची तो अफरा तफरी मच गई. एक तो यह ट्रेन पहले से ही भरी हुई आई थी. धनबाद में भी चढ़ने वाले यात्रियों की संख्या कम नहीं थी. ट्रेन के रुकते ही यात्री सिर पर सामान उठाकर ट्रेन में जगह की तलाश में दौड़ने लगे. जनरल बोगी में यात्री खिड़की से भी घुसने की कोशिश कर रहे थे. दरवाजे के पास लोगों को पैर रखने की जगह नहीं थी. यात्री जैसे- तैसे ट्रेन में सवार हो रहे थे. यात्रियों के गिरने के खतरे को देखते हुए प्रवेश द्वार के दरवाजे पर गमछा बांध दिया गया था.
जनरल और रिजर्वेशन बोगी का मिट गया था अंतर
जिन यात्रियों को जनरल बोगी में जगह नहीं मिल रही थी, वह रिजर्वेशन बोगी में घुस जा रहे थे. नतीजा हो रहा था कि रिजर्वेशन करा कर जाने वाले यात्रियों को भी अपनी सीट पर पहुंचने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही थी. गुरुवार और शुक्रवार को भी भीड़ रहेगी. यात्री अपने देस पहुंचने के लिए जोर लगाएंगे. गंगा दामोदर एक्सप्रेस, राउरकेला- जयनगर, मौर्य एक्सप्रेस, वनांचल एक्सप्रेस में कोई जगह नहीं है. गंगा दामोदर एक्सप्रेस में 200 से अधिक लोग वेटिंग लिस्ट में है. एक भी सीट खाली नहीं है. राउरकेला -जयनगर में स्लीपर में 235 और AC में 119 वेटिंग है. मौर्य एक्सप्रेस में 16 और 17 को स्लीपर या किसी भी श्रेणी में एक भी सीट खाली नहीं है. वनांचल एक्सप्रेस का भी लगभग यही हाल है. यह हाल हर एक साल होता है. छठ महापर्व को लेकर धनबाद और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोग हर हाल में अपने देस पहुंचने की कोशिश करते है. धनबाद कोयलांचल में बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों की बहुतायत है और इन जगहों पर महापर्व का बहुत ही महत्व है. इस कारण हर साल भीड़ उमड़ती है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
4+