आदिवासी दिवस पर निकाली गई विरोध रैली, जानें क्यों केंद्रीय वन संसोधन विधेयक का जताया गया विरोध

    आदिवासी दिवस पर निकाली गई विरोध रैली, जानें क्यों केंद्रीय वन संसोधन विधेयक का जताया गया विरोध

    देवघर ( DEOGHAR):आज विश्व आदिवासी दिवस है.1994 से लगातार प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है.आदिवासियों के उत्थान के लिए इस दिवस को मनाने का uno ने निर्णय लिया. देश भर में आदिवासियों के ऊपर हो रहे अत्याचार,जुल्म के खिलाफ और अपने अधिकार को लेकर आज आदिवासी दिवस पर आदिवासी समाज की ओर से विरोध रैली निकाला गया

    समाज की यह है मांग

    आपको बताएं कि जल,जंगल,जमीन आदिवासियों की पहचान है. इनकी रक्षा भी आदिकाल से इन्ही की ओर से की जाती आ रही है.लेकिन वर्तमान समय मे जिस तरह से जंगल काटकर ऊंचे- ऊंचे बिल्डिंग बन रहा है, ऐसे में आदिवासी समाज काफी नाराज है.आदिवासी समाज अपने ऊपर हो रहे अत्याचार, जुल्म,शोषण के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने में लगे है. इनके उत्थान के लिए प्रतिवर्ष 9 अगस्त को आदिवासी दिवस मनाया जाता है.इस दिन देश से लेकर राज्य स्तर पर सरकार इनके उत्थान के लिए कई घोषणाएं भी करती है.फिर भी आदिवासी समाज सरकार से नाराज़ है.

    आदिवासी दिवस पर आदिवासियों की ओर से विरोध रैली निकाली गई

    वहीं आज आदिवासी दिवस पर देवघर में आदिवासियों की ओर से विरोध रैली निकाली गई.टावर चौक से समाहरणालय तक निकली रैली के माध्यम से आदिवासी समाज ने सरकार से अधिकार,आरक्षण और हक़ में आंच नही आने के साथ- साथ जल,जंगल, जमीन का अतिक्रमण नहीं करने का और देश भर में हो रहे आदिवासियों पर जुल्म,अत्याचार का विरोध किया.रैली के माध्यम से अपने हक़ के लिए सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए गए. वहीं केंद्रीय वन संसोधन विधेयक 2023 का विरोध भी किया है.

    जंगल और पहाड़ का अस्तित्व संकट में 

    वहीं आदिवासी नेताओ ने बताया कि इस विधेयक से जंगल और पहाड़ का अस्तित्व संकट में आ जायेगा. इससे आदिवासी संस्कृति खतरे में पड़ जाएगी.रैली में बड़ी संख्या में समाज की महिला और पुरुष शामिल हुए. 

    रिपोर्ट: रितुराज सिन्हा


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