लोहरदगा (LOHARDAGA) : प्राकृतिक का पर्व सरहुल जल्द ही आने वाला है जिसे लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है. वहीं लोहरदगा नगर भवन में आदिवासी कर्मचारी समिति के द्वारा सरहुल पूर्व संध्या समारोह का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में लोहरदगा डीसी, एसपी और एसडीओ शामिल हुए. मौके पर मांदर बजाते हुए सभी पदाधिकारी मंच पर झूमते गाते नजर आए.
सरहुल प्रकृति संरक्षण और प्रकृति बढ़ावा का संदेश
इस कार्यक्रम में मौजूद एसडीओ ने कहा कि सरहुल नए वर्ष का पर्व है,नए वर्ष की शुरुआत सरहुल से ही होती है, सरहुल हमें प्रकृति संरक्षण और प्रकृति के बढ़ावा को संदेश देती है, यह बहुत ही प्यारा पर्व है, यह पर्व अपने संदेश के माध्यम से हमें प्रकृति संरक्षण का पाठ पढाती है,भारतीय जनजाति संस्कृति काफी समृद्ध है हमें प्रकृति से ताल से ताल मिलाने संदेश सरहुल देती है. लाखों वर्षों से इसे संजोकर रखने का कार्य जनजातीय समाज के द्वारा किया गया है. बड़े-बड़े वैज्ञानिकों का कहना है कि हम बहुत ही खतरनाक दौर से गुजर रहे हैं, पूरी दुनिया को जनजातीय संस्कृति से सीख लेनी चाहिए, इन्होंने कहा कि प्रकृति पर्व सरहुल के दौरान कभी कोई विवाद नहीं हुआ, बल्कि शांति पूर्वक कार्यक्रमों का आयोजन होता रहा है.
रिपोर्ट: गौतम लेनिन
Thenewspost - Jharkhand
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