प्रधानमंत्री का 18 को बिहार-बंगाल दौरा, भारत -नेपाल सीमा सील, पढ़िए-उनके कार्यक्रम का डिटेल्स

    प्रधानमंत्री का 18 को बिहार-बंगाल दौरा, भारत -नेपाल सीमा सील, पढ़िए-उनके कार्यक्रम का डिटेल्स

    धनबाद(DHANBAD) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 18 जुलाई को बिहार और बंगाल का दौरा प्रस्तावित है. बिहार में मोतिहारी के गांधी मैदान में उनकी जनसभा होने वाली है. इसके लिए विशेष चौकसी बरती  जा रही है. भारत-नेपाल बॉर्डर को गुरुवार को सील कर दिया गया है. इस दौरान सभी तरह के निजी और व्यावसायिक वाहन नहीं चलेंगे. आम लोगों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध रहेगा. प्रधानमंत्री सभा के बाद मोतिहारी में रोड शो भी करेंगे. उनके जाने के बाद ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है. विशेष परिस्थितियों में पहचान पत्र की जांच पड़ताल के बाद जाने की इजाजत दी जा सकती है. सीमा पर सक्रिय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में काम कर रही है. प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी 18 जुलाई को बिहार और पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे. वह सुबह लगभग 11:30 बजे बिहार के मोतिहारी जिले में 7,200 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित करेंगे. प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे. इसके बाद वह पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे और दोपहर लगभग 3 बजे दुर्गापुर में 5000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित करेंगे. इस अवसर पर प्रधानमंत्री उपस्थित जनसमूह को भी संबोधित करेंगे. 

     बिहार में प्रधानमंत्री का क्या है कार्यक्रम 

    प्रधानमंत्री रेल, सड़क, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों से जुड़ी विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित करेंगे. सम्‍पर्क और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए  प्रधानमंत्री अनेक रेल परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित करेंगे. इसमें समस्तीपुर-बछवाड़ा रेल लाइन के बीच स्वचालित सिग्नलिंग शामिल है, जिससे इस खंड पर कुशल रेल संचालन संभव होगा. दरभंगा-थलवाड़ा और समस्तीपुर-रामभद्रपुर रेल लाइनों का दोहरीकरण, 580 करोड़ रुपये से अधिक की दरभंगा-समस्तीपुर दोहरीकरण परियोजना का हिस्सा है और इससे रेल संचालन की क्षमता बढ़ेगी और देरी में कमी आएगी. प्रधानमंत्री अनेक रेल परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे. रेल परियोजनाओं में पाटलिपुत्र में वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव के लिए बुनियादी ढाँचे का विकास शामिल है. भटनी-छपरा ग्रामीण रेल लाइन (114 किमी) पर स्वचालित सिग्नलिंग से सुव्यवस्थित रेल संचालन संभव होगा.

     कर्षण प्रणाली के बुनियादी ढाँचे को मज़बूत बनाकर और ऊर्जा दक्षता में सुधार करके भटनी-छपरा ग्रामीण खंड में ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए कर्षण प्रणाली का आधुनिकीकरण किया जाएगा.  लगभग 4,080 करोड़ रुपये की लागत वाली दरभंगा-नरकटियागंज रेल लाइन दोहरीकरण परियोजना से रेल लाइन की क्षमता बढ़ेगी, अधिक यात्री और मालगाड़ियों का संचालन संभव होगा और उत्तर बिहार और देश के बाकी हिस्सों के बीच संपर्क मज़बूत होगा. प्रधानमंत्री 820 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले एनएच-319 के परारिया से मोहनिया तक 4-लेन वाले खंड का भी उद्घाटन करेंगे.  यह एनएच-319 का वह हिस्सा है, जो आरा शहर को एनएच-02 (स्वर्णिम चतुर्भुज) से जोड़ता है. इससे माल और यात्री यातायात में सुधार होगा.  इसके अलावा, एनएच-333सी पर सरवन से चकाई तक पक्की सड़क के साथ 2-लेन का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे माल और लोगों की आवाजाही सुगम होगी और बिहार और झारखंड के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम करेगा. 

    पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री के क्या है कार्यक्रम 

    प्रधानमंत्री तेल एवं गैस, बिजली, सड़क और रेल क्षेत्रों से जुड़ी अनेक विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित करेंगे.  क्षेत्र में तेल एवं गैस के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए, प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा और पुरुलिया जिले में लगभग 1,950 करोड़ रुपये की लागत वाली भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की सिटी गैस वितरण (सीजीडी) परियोजना की आधारशिला रखेंगे. यह परियोजना घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक ग्राहकों को पीएनजी कनेक्शन प्रदान करेगी, खुदरा दुकानों पर सीएनजी उपलब्ध कराएगी और क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी. प्रधानमंत्री दुर्गापुर-हल्दिया प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के दुर्गापुर से कोलकाता खंड (132 किलोमीटर) को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिसे महत्वाकांक्षी जगदीशपुर-हल्दिया और बोकारो-धामरा पाइपलाइन के अंतर्गत बिछाया गया है.  इसे प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा (पीएमयूजी) परियोजना के नाम से भी जाना जाता है.  

    1,190 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाला दुर्गापुर से कोलकाता खंड पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान, हुगली और नादिया जिलों से होकर गुज़र रहा है. स्वच्छ वायु और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री दुर्गापुर स्टील थर्मल पावर स्टेशन और दामोदर घाटी निगम के रघुनाथपुर थर्मल पावर स्टेशन की 1,457 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली रेट्रोफिटिंग प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली-फ्लू गैस डीसल्फराइजेशन (एफजीडी) भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे. इससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होंगे. प्रधानमंत्री पश्चिम बर्धमान के तोपसी और पांडबेश्वर में सेतु भारतम कार्यक्रम के तहत निर्मित 380 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के सड़क के ऊपर बने पुलों (आरओबी) का उद्घाटन करेंगे.  इससे संपर्क में सुधार होगा और रेलवे क्रॉसिंग पर दुर्घटनाओं को रोकने में भी मदद मिलेगी. 

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 


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