"पानी" ने धनबाद नगर निगम और रेलवे को कर दिया है आमने सामने,जानिए किसके क्या हैं दावे

    "पानी" ने धनबाद नगर निगम और रेलवे को कर दिया है आमने सामने,जानिए किसके क्या हैं दावे

    धनबाद(DHANBAD): बाप बड़ा ना भैया, सबसे बड़ा रुपैया और इसी रुपैया के लिए धनबाद के नगर निगम और रेलवे में ठन गई है. निगम का कहना है कि रेलवे अगर पैसे का भुगतान नहीं किया तो पानी कनेक्शन काट देगा. हालांकि इस संबंध में रेलवे की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन यह विवाद बढ़ेगा, ऐसा जानकारों का मानना है. धनबाद नगर निगम ने वाटर टैक्स नहीं देने पर रेलवे को कनेक्शन काट देने का जो अल्टीमेटम दिया है,उसमे कहा है कि 30 मई तक अगर बकाया वाटर टैक्स का भुगतान नहीं हुआ तो 1 जून से पानी का कनेक्शन काट दिया जाएगा.

    दावे के मुताबिक रेलवे पर नगर निगम का वाटर टैक्स के रूप में 9करोड़ 36लाख रुपए बकाया है. यह बकाया 1 जनवरी 21 से बताया गया है. यह भी कहा गया है कि बीच में लगभग एक करोड़ का भुगतान रेलवे ने किया है. लेकिन अभी भी 9करोड़ 36लाख रुपए बकाया है. निगम बार-बार पत्र लिख रहा है और वाटर टैक्स भुगतान की मांग कर रहा है. लेकिन रेलवे की ओर से भुगतान नहीं किया जा रहा है. सोमवार को नगर आयुक्त के आदेश पर रेलवे को अंतिम चेतावनी दी गई. अगर सही में 1 जून से पानी का कनेक्शन कट जाएगा तो रेलवे के सामने पानी का संकट पैदा हो जाएगा और अगर धनबाद स्टेशन पर भी पानी का कनेक्शन काट दिया गया तो बड़ी मुसीबत खड़ी हो जाएगी. रेलवे को आठ जगहों पर निगम से पानी मिलता है. एक आंकड़े के मुताबिक नगर निगम से हर दिन 8 से 9 एमएलडी पानी रेलवे लेता है. 1 जनवरी से पहले का भुगतान रेलवे फिक्स्ड चार्ज के रूप में करता था लेकिन 1 जनवरी के बाद नगर निगम ने मीटर लगवा दिया है. मीटर लगने के बाद उसी आधार पर निगम वाटर टैक्स की गणना करके रेलवे को बिल भेज रहा है और यहीं से विवाद की शुरुआत हुई है. हर महीने वाटर चार्ज का रेलवे भुगतान पहले कर देता था लेकिन मीटर लगने के बाद ही यह विवाद शुरू हुआ है. पानी की मात्रा को लेकर भी विवाद चल रहा है. निगम ने रेलवे से कहा है कि निगम की आर्थिक स्थिति को देखते हुए वाटर टैक्स का अभिलंब भुगतान कर देना चाहिए. देखना है कि निगम के अल्टीमेटम पर रेलवे आगे क्या करता है या फिर पानी का कनेक्शन काटने की नौबत आती है.

    रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो 


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