धनबाद (DHANBAD) : धनबाद में कोलियारियों पर कब्जा करने का पुराना इतिहास रहा है. कोयला माफिया पैदा करने का श्रेय भी धनबाद कोयलांचल को ही जाता है. उस समय कोलियारियों पर कब्जा के लिए काट , मार, कत्ल किए जाते थे. फिर रैक से कोयला ढुलाई को लेकर मार-काट होने लगे. रैक से कोयला ढुलाई में भारी कमीशन की वजह से कई माफिया गैंग इसमें शामिल हो गए. इनकी पैठ दूसरे राज्यों में भी हो गई. यहां तक की एक समय में धनबाद की कोलियारियों से कागज़ पर जम्मू कश्मीर तक कोयला भेजा जाता था. अनिल पालटा जब धनबाद के एसपी थे, तो उनके कार्यकाल में खुलासा हुआ कि अस्तित्वविहीन उद्योगों के नाम पर बड़े पैमाने पर कोयले की तस्करी होती है. रियायत दर पर कोयला उठा कर खुले बाजार में ऊंचे दाम पर बेचा जाता था.
एक समय भैसों के तबेले में कागज पर चलते थे उद्योग
टीम भेज कर जब उन्होंने जांच कराई, तो पता चला था कि जिस जगह पर उद्योग की बात की जा रही है, वहां भैंसों का तबेला है. उस समय उद्योग विभाग भी जांच पड़ताल की और कई उद्योगों को चिन्हित कर उनके कोयल पर रोक लगा दिया गया. लेकिन रैक से कोयला ढुलाई में माफिया की संलिप्तता बनी रही. बिना लोकल माफिया के इशारे पर ना तो बेहतर ढंग का कोयला लोड हो पता था और न हीं समय पर कोयला पहुंच पाता था. इस वजह से कोयला लेने वाले भी माफिया से समझौता कर लेते थे. माफिया उन्हें भरोसा देते थे कि उन्हें नुकसान नहीं होगा. एक तो उन्हें बेहतर क्वालिटी का कोयला उपलब्ध करा दिया जाएगा, दूसरा की वजन भी ज्यादा भेजा जाएगा. वे ब्रिज पर भी माफिया का कब्जा होता था. इन माफिया की पैठ कई राज्यों में थी. इसके बाद कोयले के अवैध धंधा का "माफ़ियाई" दौर शुरू हुआ. वैध कोयले की ट्रांसपोर्टिंग में तो कत्ल होते ही थे, दौर जब बदला तो अवैध कोयले के धंधे में भी मारपीट, बमबाजी और हत्याएं शुरू हो गई.
अवैध कोयले के धंधे से लाल हो रही कोयलांचल की धरती
अवैध कोयले के धंधे ने धनबाद की धरती को लाल करना शुरू किया. वह अब तक जारी है. कोयले के अवैध धंधे में कई संगठित गिरोह सक्रिय है. जिनका जाल झारखंड के दूसरे जिलों से लेकर बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ है. धनबाद के पुटकी में गुरुवार की रात फायरिंग की जो घटना हुई, वह भी अवैध कोयले में वर्चस्व को लेकर बताया जाता है. ईस्ट बसुरिया ओपी क्षेत्र के गोंदूडीह में दो गुटों में पहले मारपीट हुई. उसके बाद चार राउंड फायरिंग की गई. फायरिंग की घटना में एक व्यक्ति को गोली लगी है. जिसका नाम ललन पासवान बताया गया है. घायल अवस्था में उसका इलाज धनबाद के SNMMCH में चल रहा है. सूत्र बताते हैं कि दर्जनों लोग पहुंचे और ट्रक लोडिंग के लिए दबाव बनाने लगे. विवाद शुरू हुआ और मामला मारपीट तक पहुंच गया. एक गुट जब मजबूत पड़ने लगा लगा तो दूसरा वहां से भागने लगा. इसी दौरान फायरिंग की गई. भागने के क्रम में ही ललन पासवान को गोली लगने की बात लोग बताते है. यह पूरा मामला दो गुटों में कोयला चोरी के वर्चस्व को लेकर बताया जाता है.
रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो
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