द्रौपदी मुर्मू को भाजपा कार्यकर्ता ने फेसबुक पर दी बधाई, फ्रेंड ने किया आपत्तिजनक कमेन्ट, मामला पहुंचा थाना

    द्रौपदी मुर्मू को भाजपा कार्यकर्ता ने फेसबुक पर दी बधाई, फ्रेंड ने किया आपत्तिजनक कमेन्ट, मामला पहुंचा थाना

    दुमका (DUMKA): द्रौपदी मुर्मू देश की राष्टपति निर्वाचित हो गयी. पहली बार कोई आदिवासी महिला भारत की प्रथम नागरिक चुनी गई. एनडीए ने झारखंड के पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद के लिए अपना प्रत्याशी बनाया था. चुनाव परिणाम आने के साथ ही भाजपा कार्यकर्ता काफी उत्साहित है. कल से ही जश्न का माहौल है. मीडिया से लेकर सोशल मीडिया पर द्रौपदी मुर्मू को बधाई देने वालों का तांता लगा है. दुमका के एक भाजपा कार्यकर्ता आशीष  सिन्हा ने अपने फेसबुक स्टेटस पर द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनने की बधाई दी थी. इस पर आशीष के एक फेसबुक फ्रेंड इनोसेंट सोरेन ने आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी. टिप्पणी भी ऐसी जिसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता. भाजपा कार्यकर्ताओं को देश की प्रथम नागरिक के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी बर्दाश्त नहीं हुआ. भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष बिमल मरांडी के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता नगर थाना पहुंचे. साक्ष्य के साथ एक लिखित शिकायत थाना प्रभारी को देकर दोषी के खिलाफ उचित कानूनी कार्यवाई की मांग की. मुद्दे ओर नगर थाना प्रभारी नीतीश कुमार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है. जांचोपरांत कार्रवाई की जाएगी.

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    देश के सर्वोचतम पद पर बैठेंगी द्रौपदी मुर्मू

    NDA की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की. द्रौपदी मुर्मू पहली आदिवासी महिला हैं जो देश के सर्वोचतम पद पर बैठेंगी. इसके साथ ही वो देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति बन गई हैं. पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल थीं. द्रौपदी मुर्मू ओडिशा की आदिवासी महिला नेता और झारखंड की राज्यपाल रह चुकीं हैं. द्रौपदी मुर्मू का जन्म 20 जून 1958 को ओडिशा में मयूरभंज जिले के एक आदिवासी परिवार में हुआ था. मुर्मू के पिता का नाम बिरंची नारायण टुडू था. वह गांव के मुखिया हुआ करते थे, उन्होंने गृह जनपद से शिक्षा प्राप्त करने के बाद भुवनेश्वर के रामादेवी महिला महाविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की. मुर्मू ने बाद में बतौर शिक्षिका अपने करियर की शुरुआत की. मुर्मू ने परिवार में पति और बेटों को खोया था. जिसके बाद वो कुछ समय के लिए डिप्रेशन में थी. उसके बाद राजनीति में प्रवेश की और पार्षद बनी फिर विधायक और राज्य सरकार में मंत्री बनी, उसके बाद झारखंड की गवर्नर बनने का मौका मिला.

    रिपोर्ट: पंचम झा, दुमका


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