पहल : गरीबों का सपना एक घर हो अपना! मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अबुआ आवास योजना से सपना होगा साकार


टीएनपी डेस्क (TNP DESK): हर आदमी का सपना होता है कि उसका अपना एक घर हो. अमीर तो जैसे तैसे अपना घर बना लेता है लेकिन गरीबों के लिए ये सपना ही रह जाता है. ऐसे में अब गरीबों के इसी सपने को पूरा करने के लिए झारखंड सरकार ने एक एक योजना लेकर आई है. आइए जानते हैं विस्तार से इस योजना के बारे में
अबुआ आवास योजना झारखंड सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है . इस योजना के तहत झारखंड के मूल निवासी जो बहुत ही गरीब हैं उन्हें पक्का मकान दिया जाएगा . 2027 तक तक एक लक्ष्य रखा गया है कि 20 लाख परिवारों को इस योजना के तहत लाभ पहुंचाना है .
अबुआ आवास योजना का उद्देश्य
झारखंड राज्य को अलग हुए 23 साल पूरे हो गए हैं लेकिन इसकी स्थिति अब भी 23 साल पुरानी वाली ही है .राज्य अलग होने का मुख्य उद्देश्य था कि यहाँ के मूलनिवासी ,आदिवासी के जीवन स्तर में सुधार आना लेकिन जिस उद्देश्य से अलग राज्य की परिकल्पना की गई थी वह तो पूरा नहीं ही हुआ बल्कि स्थिति और उलट ही हो गई . मूल निवासी और आदिवासी के जल जंगल जमीन पे बाहरी आदमी की नजर पड़ गई ,बाहरी लोग इनपर हावी हो गया . सरकार केवल सरकार चलाने के लिए काम कर रही थी जमीनी स्तर पर इन गरीबों के लिए सीधे तौर पे कुछ नहीं कर पा रही थी फलस्वरूप यहाँ के गरीब लोगों के जीवन स्तर में कोई गुणात्मक सुधार नहीं हुआ . झारखंड के मूल निवासी और आदिवासियों में अधिकत्तर लोगों के गरीबी का ये आलम है कि इनके पास रहने के लिए घर भी नहीं है . आबूआ आवास योजना के तहत सरकार ऐसे गरीब लोगों को पक्का मकान उपलब्ध कराएगी .
योजना का प्रारूप
इस योजना के प्रारूप के तहत 2027 तक 20 लाख गरीब परिवारों को पक्का मकान देने का लक्ष्य रखा गया है .प्रत्येक साल के लिए एक निश्चित बजट का निर्धारण होगा जिससे यह तय की जाएगी कि हर एक साल कितने मकान बनने हैं . इस योजना के तहत अनुसूचित जाति ,जनजाति पिछड़ावर्ग , अति पिछड़ा वर्ग और सामान्य कैटेगरी में कोटा निर्धारण किया जाएगा . यह जिला स्तर और प्रखण्ड स्तर पे होगा . इस योजना के तहत जो भी इसका लाभार्थी होगा उन्हें पक्का मकान निर्माण के लिए सहायता राशि के रूप में 2 लाख रुपये दी जाएगी . इस मकान में 3 कमरे के साथ साथ सारी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होंगी . सहायता राशि सीधे लाभुकों के बैंक खाते मे ट्रांसफर किया जाएगा .
इस योजना का लाभ कौन ले सकता है
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर्त्ता को झारखंड का मूलनिवसी होना होगा
उनकी न्यूनत्तम उम्र 21 साल होनी चाहिए
आवेदन कर्त्ता को पहले से पक्का मकान नहीं होना चाहिए
इनकी सालाना आमदनी 3 लाख से ज्यादा नहीं होना चाहिए
आवेदन कर्त्ता के पारिवारिक सर्किल में कोई व्यक्ति सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए
इस योजना के लाभ के लिए आपको क्या करना होगा
इस योजना के लिए आपको ऑन लाइन आवेदन करना होगा . आबूआ आवास नाम से इसका वेबसाइट लिंक बनाया गया है . इस लिंक पे जाकर आपको अपने आवेदन को भरना होगा साथ ही पात्रता संबंधित सारे डॉक्युमेंट्स लगाना होगा जिससे आपको ये सिद्ध होना होगा कि आप यहाँ के मूलनिवासी हैं और सही पात्र हैं. फिर इसे सबमिट करना होगा . इस प्रकार आप इस योजना का लाभ उठा सकते हैं .
झारखंड सरकार द्वारा चलाया गया यह योजना गरीब मूलनिवासियों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है . लेकिन देखने की बात होगी इसका क्रियान्वयन किस प्रकार से हो पाती है . क्योंकि योजनाएं तो सरकार बना लेती है लेकिन सही तरीके से लागू कर पाने में ही विफल हो जाति है . योजनाओं का सही तौर पे जमीन पे उतार पाना सरकार की बड़ी चुनौती है क्योंकि आने वाले झारखंड विधान सभा चुनाव में यह योजना मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के राजनीतिक परिणाम पे प्रभावशाली परिणाम डालेगा .
रिपोर्ट: प्रकाश कुमार यादव
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