इसी हफ्ते हो सकती है निकाय चुनाव की घोषणा! 48 नगर निकायों में बढ़ी सियासी हलचल


टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : झारखंड में लंबे समय से इंतजार कराए जा रहे निकाय चुनाव को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. जानकारी के मुताबिक, राज्य निर्वाचन आयोग जनवरी के अंतिम सप्ताह में चुनाव की औपचारिक घोषणा कर सकता है. आयोग की ओर से लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. जैसे ही घोषणा होगी, निकाय चुनाव की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो जाएगी. घोषणा से पहले ही राज्य निर्वाचन आयोग ने शहरी स्थानीय निकायों में वार्ड आरक्षण से जुड़ी अधिसूचना जारी कर दी है. इसके साथ ही गजट प्रकाशन की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है. अब सिर्फ चुनाव की तारीख का ऐलान बाकी है, जिसे आयोग जल्द सार्वजनिक कर सकता है.
चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और पूरे राज्य में आचार संहिता भी लागू हो जाएगी. इस बार झारखंड के कुल 48 नगर निकायों में चुनाव प्रस्तावित हैं. इनमें नौ नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायत शामिल हैं.
चुनावी माहौल से बढ़ी सियासी हलचल
चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य की राजनीति में हलचल तेज होनी तय है. राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों की रणनीतियां अब साफ नजर आने लगेंगी. सभी नगर निकायों में चुनावी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर उत्साह का माहौल बन गया है. चुनाव को लेकर विकास, बुनियादी सुविधाओं और नागरिक सेवाओं जैसे मुद्दों पर भी चर्चा तेज हो गई है, जो आने वाले दिनों में और जोर पकड़ सकती है.
मतदाता सूची पर बड़ा अपडेट, 72% मैपिंग पूरी
इधर, मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई है. झारखंड में प्री-रिवीजन अवधि के दौरान अब तक 72 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग बीएलओ ऐप के जरिए पूरी कर ली गई है. यह जानकारी राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रविकुमार ने दी. रांची विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में आयोजित 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के राज्यस्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है. मतदाता अपने बीएलओ से आसानी से संपर्क कर सकते हैं. इसके लिए ‘बुक ए कॉल’ की सुविधा भी दी गई है, जिसके तहत बीएलओ 48 घंटे के भीतर मतदाता से संपर्क करेंगे.
उन्होंने बताया कि गहन पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ घर-घर जाकर स्टीकर लगाएंगे. इन स्टीकरों पर बीएलओ का मोबाइल नंबर और मतदाता के मकान का नंबर दर्ज होगा, ताकि संपर्क और सत्यापन की प्रक्रिया और आसान हो सके.
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