लापता बच्चों का मिला सुराग, गया जी में सुरक्षित पाए गए कोडरमा के 10 बिरहोर बच्चे, अब होगी घर वापसी


कोडरमा (KODERMA): जिले से एक सप्ताह से लापता दस बिरहोर बच्चों को बिहार के गया जी से सुरक्षित बरामद कर लिया गया है. बच्चों के सकुशल मिलने की सूचना मिलते ही कोडरमा पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली है. मामला जयनगर थाना क्षेत्र के बिरहोर टोला गडियाई से जुड़ा है, जहां से ये सभी बच्चे अचानक लापता हो गए थे.
जानकारी के अनुसार, इन बच्चों को 2 फरवरी को गया जी जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से बरामद किया गया था. उस समय स्थानीय पुलिस ने उन्हें चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया था. भाषा और संवाद की समस्या के कारण बच्चे अपना नाम और पता स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रहे थे, जिससे उनकी पहचान और घर वापसी में देरी हुई. बाल कल्याण समिति गया जी के निर्देश पर बच्चों को अलग-अलग सुरक्षित स्थानों पर रखा गया था. इनमें से तीन बच्चे गया के परैया थाना क्षेत्र के सोलरा गांव से, जबकि सात बच्चे मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बुढ़ी पैमार इलाके से मिले थे.
शनिवार को जब कोडरमा में बच्चों के लापता होने की खबर मीडिया में सामने आई, तब गया जी चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक अमित पाठक ने जयनगर थाना पुलिस से संपर्क किया. सूचना मिलने के बाद कोडरमा पुलिस की टीम गया जी पहुंची और बच्चों की पहचान की प्रक्रिया पूरी की. फिलहाल सभी बच्चों को उनके परिजनों को सौंपने की तैयारी की जा रही है.
बताया गया कि 31 जनवरी को बिरहोर टोला गडियाई के लोग अपने बच्चों के साथ भोज में शामिल होने परसाबाद गए थे, जहां से ये दस बच्चे लापता हो गए थे. लापता बच्चों में निशा कुमारी, रमेश बिरहोर, सजनी कुमारी, अनिषा कुमारी, सत्यम कुमार, मिथुन बिरहोर, रेखा बिरहोर, बिरजू बिरहोर, शिवानी बिरहोर और कल्पना बिरहोर शामिल हैं.
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोडरमा एसपी अनुदीप सिंह के निर्देश पर प्रशिक्षु डीएसपी दिवाकर कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई थी, जिसमें तिलैया, जयनगर और चंदवारा थाना प्रभारी शामिल थे. बच्चों की तलाश के लिए प्रशासन की ओर से एक लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गई थी और सोशल मीडिया के माध्यम से भी व्यापक अपील की गई थी.
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री सह कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी ने भी बच्चों की सुरक्षित बरामदगी को लेकर पुलिस को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे. बच्चों के मिलने पर उन्होंने इसे बेहद राहत भरी खबर बताया. इससे पहले बीडीओ गौतम कुमार, सीओ सारांश जैन और स्थानीय मुखिया राजेंद्र प्रसाद यादव ने भी मौके पर पहुंचकर परिजनों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया था.
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