झारखंड में नहीं रुक रहा वाल -विवाह, धनबाद के हालिया दो मामले उदहारण, जानिए डिटेल्स


धनबाद(DHANBAD): तमाम कोशिशों के बावजूद झारखंड में बाल- विवाह के मामले नहीं रुक रहे है. एक आंकड़े के मुताबिक झारखंड में 5.8% लड़कियों की शादी युवा होने से पहले हो जाती है. झारखंड में जितने भी बाल- विवाह होते हैं, उनमें से 7.3 प्रतिशत ग्रामीण इलाकों से जबकि 3% शहरी क्षेत्र में होते है. लेकिन अब झारखंड की लड़कियां खुद इसका विरोध कर रही है. पढ़ाई के प्रति ललक से वह खुलकर घर वालों का विरोध कर रही है. ऐसे मामले झारखंड के हर जिले से सामने आ रहे है. धनबाद जिले में हाल के दिनों में 2 मामले ऐसे आए हैं, जिनसे यह साबित होता है कि झारखंड में बाल- विवाह की रोकथाम के लिए ठोस पहल और बने कानून को कड़ाई से लागू करने की जरूरत है.
धनबाद के गोविंदपुर से भी सामने आया था मामला
धनबाद के गोविंदपुर में एक मामला उस वक्त सामने आया, जब एक नाबालिक लड़की की शादी बलियापुर के लड़के से तय कर दी गई और शादी तब तय हुई , जब लड़की के घरवाले दूसरी लड़की की शादी करना चाहते थे लेकिन लड़के वालों ने तीसरी लड़की को पसंद किया. नतीजा हुआ कि उसकी शादी तय कर दी गई. लेकिन लड़की के मन में पढ़ने की इच्छा थी. उसने इसकी शिकायत की. शिकायत के बाद अधिकारी से लेकर पुलिस सक्रिय हुई और समझाने- बुझाने के बाद शादी रद्द कर दी गई. हालांकि पुलिस को लड़की की मां ने लिख कर दिया कि उसे बाल- विवाह कानून की जानकारी नहीं है, इसलिए शादी तय कर दी गई है. फिलहाल शादी रद्द हो गई है. इसी तरह का एक मामला शुक्रवार को कतरास के रामकनाली में सामने आया. रामकनाली पुलिस ने अधिकारियों के निर्देश पर जमुआटांड पंचायत में होने वाले बाल- विवाह को रोक दिया. लड़का पक्ष शादी करने के लिए पहुंच चुका था ,लेकिन शादी रोक दी गई.
15 वर्षीय नाबालिक की शादी की चल रही थी तैयारी
बताया जाता है कि गड़ग ड़ियां शिव मंदिर में 15 वर्षीय नाबालिक की शादी निरसा के युवक से तय हुई थी. शादी की तैयारी चल रही थी, एन वक्त पर इसकी जानकारी झारखंड ग्रामीण विकास ट्रस्ट तक पहुंची. त्वरित कार्रवाई करते हुए इसकी सूचना बाल कल्याण समिति, धनबाद को दी गई. बाल कल्याण समिति की सूचना पर प्रखंड विकास पदाधिकारी सह बाल विवाह निषेध पदाधिकारी के आदेश पर पुलिस ने मौके पर पहुंच वहां चल रहे बाल- विवाह को रुकवा दिया. पुलिस के सामने वर -वधू पक्ष मिन्नतें करते रहे लेकिन पुलिस वाले कानून का हवाला देकर तैयार नहीं हुए. बाद में लड़की के पिता से बांड भरवाया गया, जिसमें कहा गया है कि जब तक लड़की की उम्र 18 साल नहीं होगी, तब तक वह शादी नहीं करेगा. यहां भी लड़की को आगे पढ़ने की इच्छा है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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