महाराष्ट पुलिस के खुलासे से साहिबगंज में मची खलबली, राधानगर में रहनेवाले 13 मुस्लिम मजदूरों पर कसा शिकंजा, पढ़ें क्या है पूरा मामला

    महाराष्ट पुलिस के खुलासे से साहिबगंज में मची खलबली, राधानगर में रहनेवाले 13 मुस्लिम मजदूरों पर कसा शिकंजा, पढ़ें क्या है पूरा मामला

    साहिबगंज(SAHIBGANJ):बंगलादेशी घुसपैठियों पर महाराष्ट्र पुलिस की कार्रवाई और राजमहल विधानसभा क्षेत्र के पूर्व बीजेपी विधायक अनंत ओझा के बयान से फिर एक बार झारखंड की राजनीतिक गरमाते जा रही है.वहीं महाराष्ट्र पुलिस की कार्रवाई को बीजेपी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया और राजमहल के पूर्व विधायक अनंत ओझा ने हरी झंडी दिखा दिया है तो वहीं राजमहल के सांसद विजय हांसदा और उधवा प्रखंड क्षेत्र के पलाश गाछी पंचायत के मुखिया नफीसा खातून ने लाल झंडी दिखा दी है,लेकिन अब सबकी निगाहें महाराष्ट्र पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई है.

    राधानगर में रहनेवाले 13 मुस्लिम मजदूरों पर महाराष्ट्र का शिकंजा

    दरअसल जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार भारत में रहनेवाले पाकिस्तानी और बंगलादेशियों नागरिकों की खोज कर रही है.इस कड़ी में पश्चिम-बंगाल और झारखंड के सीमा से सटे साहिबगंज जिले के राधानगर थाना क्षेत्र के कई अलग-अलग इलाकों से मजदूरी व कुटीर उद्योग करने गए 13 लोगों को महाराष्ट्र के विक्रोली थाना पुलिस ने बंगलादेशी होने के संदेह पर फर्जी आधर कार्ड सहित कई अन्य दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार कर लिया है.वहीं पुलिस के गिरफ्त में आए सभी मुस्लिम मजदूर साहिबगंज जिले के उधवा प्रखंड क्षेत्र के दक्षिणपलाशगाछी पंचायत क्षेत्र के नाईमशेख, सेमामशेख, जहांगीरशेख,समा ऊनशेख, सोफिकुलशेख, रमजानअली, रफीकुल शेख और आरिफशेख शामिल है.

    दस्तावेजों की जांच कर रही है पुलिस

    वहीं महाराष्ट्र पुलिस की कार्रवाई से बौखलाए उधवा प्रखंड क्षेत्र के दक्षिण पलाश गाछी पंचायत की मुखिया नफीसा खातून ने तो आनन-फानन में 9 लोगों को भारत का नागरिक बताते हुए विक्रोली पुलिस को जांच पत्र भेजा है, तो दुसरी तरफ महाराष्ट्र पुलिस का कहना है कि हिरासत में लिए गए सभी श्रमिकों के पास जितने भी दस्तावेज है. उसकी गंभीरता पूर्वक जांच की जा रही है.

    बांग्लादेयसी होने के शक में हो रही है कार्रवाई

    पुलिस का यह भी दावा है कि पकड़े गए लोगों ने फर्जी तरीके से आधार कार्ड साहिबगंज और पाकुड के इलाके में बनवाया है.सभी का आधार कार्ड में जन्म तिथि और महीना एक समान है लेकिन जन्म तिथि एक जनवरी है.और साल अलग-अलग है.आपको बता दें कि महाराष्ट्र पुलिस की इस करवाई की जानकारी भाजपा नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने सोशल मीडिया पर इनकी गिरफ्तारी की जानकारी को साझा किया है.उन्होंने आधार कार्ड में दर्ज जन्म तिथि पर शक जताया और स्थानीय पुलिस से बांग्लादेशी होने की शिकायत कर उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी.विक्रोली पुलिस ने जांच कर झारखंड पुलिस और केंद्रीय जां च एजेंसियों से सूचनाएं साझा की हैं.

    रिपोर्ट-गोविंद ठाकुर


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