बेलवरन अनुष्ठान के साथ किया गया मां दुर्गा का आवाहन, जानिए क्या है बेलवरन का महत्व


दुमका (DUMKA): झारखंड की उपराजधानी दुमका में शारदीय नवरात्र का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है. पश्चिम बंगाल से सटे होने के कारण यहां की पूजा पद्धति पर पश्चिम बंगाल का खासा असर देखने को मिलता है. सप्तमी पूजा बेलबरण के साथ मां दुर्गा के पूजा का शुभारंभ हो गया. जो तीन दिनों तक चलेगा. बेलवरण अनुष्ठान के साथ ही सप्तमी से सभी पूजा पंडालों के पट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए. सुबह से ही लोग मां दुर्गा के आवाहन को लेकर उतसाहित दिखे और ढाक की थाप पर नाचते हुए मां दुर्गा का स्वागत के लिए शहर के बड़ा बांध तालाब पहुंचे. जहां मां दुर्गा का आह्वान किया गया. बेलवरन को नबपत्रिका पूजा भी कहा जाता है. बेल की लकड़ी पर नौ अलग-अलग पेड़ों की पत्तियां मिलाकर नव पत्रिका तैयार की जाती है. नबपत्रिका को भगवान गणेश की पत्नी भी माना जाता है.
रावण दहन के साथ होगा पूजा का समापन
शारदीय नवरात्र पर होने वाली मां जगत जननी दुर्गा पूजा के लिए शहर में दो दर्जन से अधिक स्थानों पर भव्य और आकर्षक पंडाल बनाया गया है. सप्तमी पूजा और बेलबरण के बाद दशमी को मां के विसर्जन और रावण दहन के बाद पूजा का समापन होगा.
रिपोर्ट: पंचम झा, दुमका
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