धनबाद में किडनी मरीजों की जान सांसत में, कैसे देखिये इस रिपोर्ट में


धनबाद(DHANBAD): धन से आबाद धनबाद में किडनी मरीजों की जान सांसत में है. आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने वालों का भुगतान सरकारी स्तर पर नहीं होने के कारण निजी अस्पतालों ने डायलिसिस करना बंद कर दिया है. ऐसे में सरकारी अस्पतालों की जिम्मेवारी बहुत बढ़ गई है. लेकिन सरकारी अस्पतालों के अधिकारी साफ कहते हैं कि उनके पास जो संसाधन हैं, उसका भरपूर उपयोग कर रहे है. SNMMCH में पांच मशीन हैं, और सदर अस्पताल में 6 मशीने. इन मशीनों से लगातार आने वाले मरीजों की डायलिसिस की जा रही है. मशीन बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार को भी भेजा गया है. धनबाद के उपायुक्त को भी समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन अभी तक कुछ हुआ नहीं है. धनबाद के सिविल सर्जन श्याम किशोर कांत कहते हैं कि सदर अस्पताल में 6 मशीने है. निजी अस्पतालों में डायलिसिस नहीं होने से मरीज बढ़े जरूर है. लेकिन हम लोग प्रयास कर रहे हैं कि मरीजों को जितना संभव हो सके समय पर उपचार किया जाये. वहीं कॉलेज के अधीक्षक एके वर्णवाल कहते हैं कि एक मरीज में 12 घंटे लगते है. अस्पताल के पास पांच मशीनें हैं. हम लोग मशीन बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहे हैं, देखना है कि यह प्रयास कब तक सफल हो पाता है.
रिपोर्ट: शांभवी सिंह, धनबाद
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