सड़क पर उतर कर ये क्या करने लगे पूर्व सीएम मधु कोड़ा और सांसद गीता, जानिये इसकी वजह

    सड़क पर उतर कर ये क्या करने लगे पूर्व सीएम मधु कोड़ा और सांसद गीता, जानिये इसकी वजह

    चाईबासा ( CHAIBASA) : राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और उनकी सांसद पत्नी गीता कोड़ा को सड़क पर कुदाल और फावड़ा के साथ देखकर सभी चौंक गए. यह सड़क है, एनएच-75 (ई). पूछने पर पता चला कि सड़क कई जगह से जर्जर हो चुकी है. आए दिन हादसे होते रहते हैं. इसकी मरम्मत की मांग कइ बार की जा चुकी है, लेकिन किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं देखकर इस राजनेता दंपती ने खुद ही सड़क की मरम्मत करने का निर्णय लिया और सड़क पर उतर गए.

    सरजोमगुटू कॉलेज मोड़ से लेकर सिंहपोखरिया चेकनाका तक जर्जर एनएच-75(ई) अस्थायी रूप से मरम्मत की गयी. इसमें जिले के कांग्रेसियों ने भी श्रमदान किया. मरम्मत कार्य की शुरूआत सरजोमगुटू कॉलेज मोड़ स्थित गीता बलमुचू के पेट्रोल पंप के समीप से हुई. सड़क पर बने गड्ढों में स्टोन डस्ट भरकर उसे समतल किया गया. पूर्वाह्न साढ़े ग्यारह बजे शुरू हुए इस कार्य में  दो जेसीबी, तीन ट्रैक्टर तथा तीन हाइवा को लगाया गया था. जहां सांसद गीता कोड़ा ने सड़क पर खड़े होकर काम की निगरानी की . वहीं पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कार्यकर्ताओं के साथ फावड़ा चलाकर काम में हाथ बंटाया.

    ठेकेदार ने 3 करोड़ ले लिया, मरम्मत नहीं : गीता कोड़ा

    जर्जर एनएच-75 (ई) की उपेक्षा से सांसद गीता कोड़ा न केवल काफी नाराज दिखीं बल्कि झारखंड की अपनी ही सरकार तथा जिला प्रशासन को आड़े हाथों लिया. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह सड़क काफी जर्जर हो चुकी है. जनता को इससे काफी परेशानी हो रही है. बच्चे जान हथेली में लेकर स्कूल जाने को विवश हैं. हर दिन इस सड़क पर कोई न कोई गाड़ी खराब होती है. सड़क दुर्घटनाएं भी बढ़ रही हैं. बावजूद जिला प्रशासन तथा एनएच विभाग उदासीन बने हुए हैं. जबकि इस सड़क को बनाने के लिये निविदा भी हो चुकी है. कार्य फिर भी शुरू नहीं हो रहा है. जबकि मैने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जिसके पास इस सड़क की देखभाल की संवैधानिक जिम्मेवारी है, को भी चिट्ठी लिखी थी. साथ ही मौखिक मांग भी रखी थी. झारखंड सरकार को भी इस समस्या से अवगत कराया था. एनएच-75 (ई) विभाग से भी गुहार लगाया था. बावजूद पश्चिमी सिंहभूम जिले की जीवनरेखा समझी जानेवाली इस सड़क की मरम्मत को लेकर सभी उदासीन बने हुए हैं. इसी उपेक्षा से तंग आकर आज हमलोग सड़क पर उतरकर श्रमदान से इसकी मरम्मत कर रहे हैं. 

    जिला प्रशासन की भूमिका की भी जांच की मांग

    सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि जर्जर एनएच-75(ई) की मरम्मत के लिये ठेकेदार को तीन करोड़ रुपये दिये गये थे. लेकिन उसने मरम्मत कार्य नहीं किया. सड़क को देकर भी इसका पता चलता है. इसमें जिला प्रशासन की भूमिका की जांच होनी चाहिए. जर्जर एनएच-75(ई) के निर्माण के लिये टेंडर हो चुका है. लेकिन काम है कि शुरू ही नहीं किया जा रहा है.

    सड़क की जर्जरावस्था ने छीने कइयों से रोजगार

    एनएच-75(ई) की जर्जरवास्था ने सड़क किनारे से कईयों से उनके रोजगार छीन लिये हैं. जब यह सड़क अच्छी थी तो उसके किनारे दुकान, होटल, गुमटी आदि हुआ करते थे. लेकिन जब सड़क जर्जर हुई तो उससे धूल उड़ने लगी जिसके कारण सरजोमगुटू कॉलेज मोड़ से लेकर झींकपानी के बीच दो दर्जन से अधिक छोटी-बड़ी दुकानें तथा होटल बंद हो गये. सिंहपोखरिया में तो लगभग सभी पुरानी दुकानें बंद हो गयीं. लोग बेरोजगार हो गये. इतना ही नहीं, उड़ती धूल सड़क किनारे के घरों में घुसने से भी लोग परेशान हैं. इस समस्या का सामना सबसे अधिक सिंहपोखरिया के लोगों करना पड़ रहा है.

    श्रमदान में इन्होंने लिया भाग

    कांग्रेस नेता दीकू सावैयां, सांसद प्रतिनिधि विश्वनाथ तामसोय, त्रिशानु राय, कांग्रेस के जिला प्रेस प्रवक्ता जीतेंद्र ओझा, हरीश बोदरा, मथुरा चांपिया, कैरा बिरूवा, लक्ष्मण हांसदा, शेखर दास, बिरसा कुंटिया, विकास वर्मा, विजय सिंह तुबिड, सिकुर गोप, पूर्णचंद्र सावैयां, सचिन सावैयां, कोलाय सावैयां, प्रधान सावैयां, जोलेन सावैयां, सुनील सावैयां, नारायण निषाद, गणेश कोड़ा, राफेल सुंडी, सिंगराय गोप, बसंत गोप, शिवशंकर पासवान, अनु यादव, गणेश तिवारी, सौरभ तिवारी.

    रिपोर्ट - संतोष वर्मा, चाईबासा


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