धनबाद: एक तरफ टेंडर को लेकर हंगामा, तो दूसरी ओर फोन पर मांगी जा रही रंगदारी

    धनबाद: एक तरफ टेंडर को लेकर हंगामा, तो दूसरी ओर फोन पर मांगी जा रही रंगदारी

    धनबाद(DHANBAD): कोयलांचल में झक-झक खादी कैसे चमकती है, इसे कम से कम दो उदाहरण से समझा जा सकता है. शुक्रवार को दो घटनाएं घटी, जो यह बताने के लिए काफी है कि बिना किसी धंधा व्यवसाय के नेतागिरी की आड़ में लोग कैसे चांदी काट रहे हैं. पहले मामले की चर्चा करें तो धनबाद नगर निगम के लाख दावे के बावजूद टेंडर पेपर छीनने की घटनाएं नहीं रुक रही है. शुक्रवार को 38 लाख रुपए की 2 योजनाओं के टेंडर को लेकर भारी बवाल हुआ. टेंडर डालने आए ठेकेदार बबन झा को कुछ ठेकेदारों ने पेपर डालने से रोका, तो वह हल्ला करने लगे. इस बीच एक ठेकेदार ने उन्हे फोन देते हुए कहा कि लो छोटे बाबू से बात करें.  लेकिन पेपर डालने आए ठेकेदार ने बात करने से इनकार कर दिया.

    टेन्डर डालने को लेकर हुआ हंगामा

    नगर निगम में शुक्रवार को 2 योजनाओं के लिए टेंडर डाले जा रहे थे. वार्ड नंबर 22 के कार्मिक नगर में रोड नाली के 24 लाख का टेंडर और लिलोरी पार्क के समीप ग्रीन पैच के तहत पेवर ब्लॉक के लिए 14 लाख की योजना का टेंडर डाला गया. कार्मिक नगर की योजना का टेंडर डालने के लिए जैसे ही बबन झा पहुंचे, वहां पहले से मौजूद कुछ ठेकेदारों ने उन्हें रोकने की कोशिश की. नगर आयुक्त के चेंबर के बाहर यह घटना हुई. बाहर बैठे इंजीनियरों ने ठेकेदारों को बाहर जाने का निर्देश दिया और पेपर लेकर पहुंचे ठेकेदार का पेपर डलवाया. सीसीटीवी में घटना कैद हो गई है. इसके पहले भी इस तरह की घटनाएं हुई है. बाहर से आए ठेकेदारों को कथित रूप से अगवा कर लिया गया. उन्हें दिन भर गाड़ी में घुमाया जाता रहा, जब समय खत्म हो गया तो उन्हें छोड़ दिया गया. इस संबंध में कोई शिकायत नहीं की गई थी. कोई कार्रवाई नहीं हुई. जांच का विषय है कि छोटे बाबू कौन है जो ठेकेदार से बात करना चाहते थे.

    दूसरा मामला रंगदारी का

    दूसरी घटना का जिक्र करे तो वन क्षेत्र पदाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कथित समाजवादी पार्टी के प्रदेश महासचिव के खिलाफ रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज कराया है. राकेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को धनबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए कहा है कि उनसे फोन पर लगातार रंगदारी मांगी जा रही है. पहली बार 3 दिसंबर को उन्हें फोन आया, कहा गया कि तुम अभिमन्यु की तरह दुश्मनो से घिर चुके हो, मैं तुम्हें बचा लूंगा. मैं प्रवर्तन निदेशालय के डायरेक्टर, सीबीआई के डायरेक्टर के साथ एक कॉलेज में पढ़ा हूं. मुझे सभी अपराधी तत्वों से गहरी पैठ है. तुम्हें कभी भी बर्बाद कर सकता हूं या बचा भी सकता हूं. तुम अच्छे घर से हो, इसलिए तुम्हें फोन कर रहा हूं. राकेश कुमार सिंह ने आगे कहा है कि 6 दिसंबर को फिर फोन किया गया. कहा गया कि तुम 1 कैरेट 9 दिसंबर को सर्किट हाउस धनबाद पहुंचा दो. गरीबों को कंबल बांटना है. जब राकेश कुमार सिंह ने 1 कैरेट के बारे में पूछा तो कहा गया कि 1.20 लाख रुपए. मना करने पर ₹65000 देने की बात कही गई. इस पर उन्होंने कहा कि मैं अभी धनबाद से बाहर हूं. राकेश कुमार सिंह ने उक्त नंबर को ब्लॉक कर दिया तो मैसेज में बताया गया कि तुम अंधेरे में हो, तुम्हें बहुत जल्द उजाला दिखा दूंगा. मेरी एक कलम से तुम बर्बाद हो सकते हो. इस तरह की घटनाएं आम हो गई हैं. बिना किसी व्यवसाय के नेतागिरी करने वालो की दुकानदारी कैसे चलती है, उपरोक्त घटनाएं इसे बताने के लिए काफी है कि उनकी दुकानदारी के लिए रंगदारी ही पेशा बन गया है.

    रिपोर्ट: सत्यभूषण सिंह, धनबाद


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