किशोरी चारू की मौत है या हत्या, हादसा है या आत्महत्या, नहीं पता कर पाई धनबाद पुलिस, जानिए अब कौन एजेंसी ढूंढेगी सच्चाई


धनबाद(DHANBAD): डेढ़ महीने बाद भी पुलिस का अनुसंधान शून्य बटा सन्नाटा है. पुलिस यह पता नहीं लगा पाई है कि 15 फरवरी को त्रिनिटी गार्डन की रहने वाली चारु की हत्या है, हादसा है या आत्महत्या. छत से वह खुद गिरी या उसे लड़कों ने मिलकर फेंका, यह अभी तक रहस्य बना हुआ है. इधर, जांच से हाथ खड़े करते हुए धनबाद पुलिस ने इस मामले को सीआईडी जांच के लिए अनुशंसा कर दी है. डीजीपी के आदेश के बाद गृह विभाग जांच की जिम्मेवारी अपराध अनुसंधान विभाग को कभी भी दे सकता है.
सातवीं मंजिल से गिरकर हुई थी चारू की मौत
धनबाद के धैया स्थित ट्रिनिटी गार्डन की सातवीं मंजिल से गिरकर 15 फरवरी को कार्मेल स्कूल की 13 वर्षीय छात्रा सांगवी ठाकुर उर्फ चारू की मौत हो गई थी. पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ की लेकिन उसका कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला. घटना हुए डेढ़ माह से भी अधिक वक्त निकल गया है, फिर भी पुलिस इस केस में हत्या, आत्महत्या या हादसा किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है. इधर, चारु के पिता चंदन कुमार ठाकुर ने ताइक्वांडो शिक्षक विशाल पंडित, अपार्टमेंट के दो किशोर के अलावा हीरापुर के एक किशोर के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई है. पुलिस आरोपियों से कई बार पूछताछ कर चुकी है. सोसाइटी में रहने वाले कुछ किशोरी थाने में बुलाकर पूछताछ की है. कई जगहों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए हैं. लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगे हैं.
आत्महत्या या हादसा मानने को तैयार नहीं परुवार वाले
घरवाले हैं कि इसे आत्महत्या या हादसा मानने को तैयार नहीं है. उनका कहना है कि घटना के दिन उनकी बेटी खुश और सामान्य थी. चारु जिस दिन छत से गिरी थी, उसके एक पैर में ही जूता था, दूसरे पैर का जूता फ्लैट की चारदीवारी से 20 से 25 फीट की दूरी पर मिला था. जूता वहां कैसे पहुंचा यह पूरी तरह से अ स्पष्ट है. बाद में उसके कान का एक टॉप्स भी मिला था. उसे भी पुलिस नहीं खोज पाई थी. घर वालों ने ही खोज कर पुलिस को दिया था. घटना के पूर्व त्रिनिटी गार्डन परिसर के सीसीटीवी फुटेज में हत्यारोपी एक अनजान लड़का चारु से उलझते दिख रहा है. घटना के वक्त का कमल कटेसरिया स्कूल के बुलेट सीसीटीवी कैमरे की धुंधली तस्वीर के आधार पर परिवार का दावा है कि घटना के वक्त चारु के साथ दो अन्य लोग भी थे. यह लोग कौन थे, इसका पता पुलिस नहीं लगा पाई है.
पुलिस की कार्यशैली पर संदेह
इधर, धनबाद के भाजपा विधायक राज सिन्हा ने 23 मार्च को झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष व मुख्यमंत्री से मिलकर इस मामले की जांच की मांग की थी. फिलहाल धनबाद पुलिस ने अपराध अनुसंधान विभाग से जांच कराने की अनुशंसा कर दी है. डीआईजी की अनुशंसा के बाद गृह विभाग सीआईडी को इस मामले को जांच के लिए अब दे सकता है. देखना होगा कि सीआईडी की जांच में क्या मामला सामने निकलता है. वैसे परिवार वालों का कहना है कि न्याय के लिए वह किसी भी हद तक जाएंगे. जरूरत पड़ी तो हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटा एंगे. उन लोगों को पुलिस के कार्यशैली पर भी संदेह है.
रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो
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