JSSC-CGL Examination: पढ़िए विस्तार से- कितनी बार टलने के बाद हुई परीक्षा

    JSSC-CGL Examination: पढ़िए विस्तार से- कितनी बार टलने के बाद हुई परीक्षा

    धनबाद(DHANBAD) : झारखंड संयुक्त सामान्य स्नातक योग्यताधारी परीक्षा को लेकर दूसरे दिन भी इंटरनेट लगभग बंद रहा. इस वजह से लोगों को बड़ी परेशानी हुई बावजूद झारखंड संयुक्त सामान्य स्नातक योग्यताधारी परीक्षा कई मायने में भी उल्लेखनीय रही. तत्कालीन रघुवर सरकार में 2015-16 मे इस परीक्षा के लिए विज्ञापन जारी हुआ था और 18 बार टलने के बाद 21 एवं 22 सितंबर 2024 को परीक्षा संपन्न हुई. पिछले 28 जनवरी को परीक्षा का पर्चा लीक होने के बाद इस बार सख्ती हुई. नेट सेवा बंद होने के कारण घर-घर और बच्चा-बच्चा जान गया कि झारखंड की सीजीएल परीक्षा हो रही है. इस परीक्षा में ऐसी भीड़ थी कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को पहली बार एक ही परीक्षा के लिए दो तिथि तय करनी पड़ी और दो तरह का प्रश्न पत्र आदि तैयार करना पड़ा. एक आकड़े के अनुसार  6 लाख से अधिक प्रवेश पत्र जारी हुए, परंतु करीब करीब 3 लाख विद्यार्थी ही परीक्षा भवन तक पहुंचे. 

    झारखंड के 24 साल के इतिहास में पहली बार ऐसी परीक्षा, जिसमें दूसरे राज्यों के विद्यार्थियों का पूरा ख्याल रखा गया. रांची से पटना और रांची से भागलपुर के लिए तीन दिनों तक स्पेशल ट्रेन चलाई गई. हालांकि अपने राज्य के एक शहर से दूसरे शहर तक जाने के लिए विद्यार्थियों को कोई सुविधा नहीं दी गई थी. विद्यार्थियों को बेल्ट, टोपी  घड़ी, अंगूठी आदि ले जाने पर भी पाबंदी थी. मां-बहनों को मंगलसूत्र भी बाहर रखना पड़ा. ऐसी परीक्षा जिसमें अनेक मां-बहने आवेदन करने के दौरान कुंवारी थी और इतने वर्षों बाद परीक्षा हुई कि कोई एक तो कोई दो संतान की मां बन चुकी थी. अपने पति के साथ परीक्षा केंद्रो तक पहुंची थी. कई के तो घर वाले साथ आये थे. एक  ऐसी परीक्षा जिसमें परीक्षार्थी को एक ही दिन तीन पाली में 6 घंटे तक परीक्षा देनी पड़ी. पहली सुबह 8:30 से 10:30, दूसरी दिन 11:30 से 1.30 और तीसरी दोपहर 3 से शाम 5 तक.  

    खैर जो हो, करीब 2000 युवकों का सितारा चमकेगा और उन्हें सचिवालय में सहायक प्रशाखा पदाधिकारी, अंचल निरीक्षक, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी जैसे पदों पर नियुक्ति मिलेगी. झारखंड सरकार के लिए यह परीक्षा चुनौतीपूर्ण थी. आवेदकों को भरोसा भी नहीं हो रहा था कि सरकार परीक्षा ले पाएगी, परंतु प्रथम चरण में सरकार सफल रही. अब रिजल्ट और विजेताओं को नियुक्ति पत्र कब मिलेगी, इस पर सबकी नजर रहेगी. यह अलग बात है कि परीक्षा केन्द्रों पर मंगल सूत्र और कंगन उतरवाने का महिलाओं ने विरोध किया, कह  रही थी अगर ऐसा करना था तो पहले ही इसकी सूचना देनी चाहिए थी.  

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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